पानीपत। मजहबी सौहार्द के दुश्मनों ने नाबालिगों को भी मोहरा बनाना शुरू कर दिया है। शहर की विभिन्न कॉलोनियों की दुकानों में रविवार को हुई तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार आठ लोगों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। खास बात यह है कि जिस व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये युवाओं को इकट्ठा किया गया, उसका एडमिन भी नाबालिग निकला। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर नई पीढ़ी को कच्ची उम्र में नफरत की सीख कौन दे रहा है। इस बीच सोमवार को पुलिस ने शहर में बाइक पर रूट मार्च निकालकर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस रविवार की घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हो गई है। इधर समुदाय विशेष के दो युवकों पर सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें कहने पर कार्रवाई की गई है।
रविवार दोपहर कृष्णा गार्डन, इंडो फार्म व उझा रोड पर दुकानों में तोड़फोड़, मारपीट और लूटपाट की थी। थाना चांदनीबाग पुलिस ने आरोपियों की पहचान भापरा गांव निवासी नितेश, उझा निवासी सुमित, चुलकाना निवासी साहिल, सिवाह निवासी राहुल, नलवा कॉलोनी निवासी विशाल व शिमला गुजरान निवासी अंकित कुमार और दो नाबालिगों के रूप की है। आरोपियों ने बताया कि जिले के काफी युवाओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप बना है। इसका एडमिन एक नाबालिग है। उसी ने रविवार सुबह ग्रुप में मैसेज भेजकर अधिक से अधिक युवाओं को मित्तल मेगा मॉल के सामने पार्क में एकत्रित होने को कहा था। युवाओं के एकत्रित होने पर शहर में हुड़दंग मचाने की साजिश रची।
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे शहर में गश्त करें। लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करें। कॉलोनियों व सड़कों पर नजर रखें। पुलिस की टीमें संवेदनशील क्षेत्र में सादी वर्दी में भी तैनात हैं। पुलिस ने अपने मुखबिरों को सक्रिय करते हुए शरारती तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
डीएसपी ट्रैफिक सुरेश कुमार की अगुवाई में पुलिस बल ने थाना तहसील कैंप से फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च नूरवाला की धमीजा कॉलोनी, देसराज कॉलोनी, जावा कॉलोनी व दीनानाथ कॉलोनी में पहुंचा।