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Panipat News: बिजली समस्या का नहीं हुआ समाधान, अब सीएम से मिलेंगे

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पानीपत। बिजली की मांग के समर्थन में अंसलवासियों का सोमवार को धरना 24वें और क्रमिक भूख हड़ताल 17वें दिन जारी रही। जिसमें सिर्फ महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठी। मांगों के लिए अंसल बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी उपायुक्त और बिजली निगम के एसई धर्मबीर छिक्कारा से मिले। दोनों ही बैठकों में अंसल के लोगों की समस्या का समाधान नहीं निकल पाया। सरकार के बाद जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया कि अंसल के लोगों को 11 केवी फीडर लगवाना हो या 33 केवी सब स्टेशन लगवाना हो, उसके लिए लोगों को जीएसटी के साथ 16620 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से देने होंगे। हालांकि बिजली निगम इस राशि की किश्तें बना देगा। पहली किश्त के बाद ही कनेक्शन जोड़ कर चालू कर दिया जाएगा।
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अब हताश अंसल के लोग मुख्यमंत्री से मिलने का प्लान बना रहे हैं। इसके लिए बुधवार या वीरवार को सीएम से मिलने का समय मांगा जा रहा है। सीएम से मिलने के लिए संघर्ष समिति के चुनिंदा लोग जाएंगे। विशेष बात ये है कि अंसल बचाओ संघर्ष समिति ने पार्षदों का समर्थन मिलने पर अब दो पार्षदों को भी समिति में शामिल किया है। इसमें वार्ड 20 के पार्षद लोकेश नांगरू और वार्ड एक की पार्षद अनीता परूथी हैं। जिससे अब संघर्ष समिति के सदस्यों की संख्या 11 हो गई है। वहीं, मौके पर कांग्रेस नेत्री नीरजा बाहरी पहुंची। उन्होंने धरने प्रदर्शन का समर्थन कर अंसलवासियों की मांगों को जायज बताया।
ईडीसी के 116 करोड़ रुपये देने के बाद भी समस्या बरकार:
अंसलवासियों ने कहा कि उन्होंने अंसल के माध्यम से एचएसवीपी को ईडीसी यानी एक्ट्रनल डेवलेपमेंट चार्ज के तौर पर 116 करोड़ रुपये जमा करवा रखे हैं। 33 केवी सब स्टेशन के लिए जमीन भी दी है। इसके बाद भी उन्हें बिजली के लिए अलग से पैसे क्यों देने पड़ रहे हैं, ये उनकी समझ से बाहर का विषय हो गया है। सिक्योरिटी राशि भी साधारण राशि से कई गुणा ज्यादा है। अंसल में 2700 परिवार हैं। इस हिसाब से हर परिवार को 83100 रुपये से लेकर 2.49 लाख रुपये तक भरने पड़ेंगे।
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सांसद-विधायक के दो-दो दिन में काम करवाने का आश्वासन गए खाली:
ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने विधानसभा में अंसल का मुद्दा उठाया। सरकार से गुजारिश भी की थी कि एक दो दिन में इस समस्या का समाधान करवाया जाए। लोगों को आश्वासन दिया कि दो दिन में काम हो जाएगा। इसके बाद सांसद ने कई बार आश्वासन दिए। जब लोग धरने पर बैठे तो लोगों को आश्वासन दिया कि वे दो कार्यदिवस में समस्या का समाधान करवाएंगे। सोमवार को दो कार्यदिवस भी बीत गए लेकिन लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अब अंसल के लोग सीधे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। सोमवार को धरने पर अंसल के लोगाें के साथ अंसल बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ भूख हड़ताल पर छाया मलिक, सावित्री जागलान, सरोज और कमलेश बैठी।
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