पानीपत। प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी सोमवार को खुलकर सबके सामने आ गई। शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और किरण चौधरी (एसआरके ) गुट ने सोमवार को रेस्ट हाउस में भूपेंद्र हुड्डा गुट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसआरके गुट ने खुद को असल कांग्रेस और भूपेंद्र हुड्डा गुट को नकली कांग्रेस करार दिया।
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश संगठन तैयार करने का प्रयास कर रही है। इसी माह प्रदेश भर की कार्यकारिणी का गठन होना है और कांग्रेस को जिलाध्यक्ष मिलने हैं। ऐसे में भूपेंद्र हड्डा और एसआरके गुट अपने-अपने समर्थकों को पद दिलाने की जोड़ तोड़ में लगे हैं। सोमवार को पानीपत जिलाध्यक्ष पर चर्चा करने के लिए केंद्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युवराज भदौरिया को मुख्य ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया था। उनको यहां कांग्रेसी नेताओं से बात कर जिलाध्यक्ष पर विचार विमर्श करना था। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने युवराज भदौरिया के साथ तीन और ऑब्जर्वरों को लगा दिया। ये तीनों भूपेंद्र हुड्डा गुट के नेता बताए जा रहे। इनमें इंद्नी के पूर्व विधायक भीम सैन मेहता, फरीदाबाद से जनरैल शर्मा व एसएल शर्मा शामिल थे। सुबह 11 बजे चर्चा हुई तो एसआरके गुट ने इसका विरोध कर दिया। रेस्ट हाउस में एसआरके गुट ने ऑब्जर्वरों के खिलाफ जमकर राेष प्रदर्शन किया और ऑब्जर्वर गो-बैक के नारे लगाए। एसआरके गुट का कहना था कि ऑब्जर्वर सिर्फ भूपेंद्र हुड्डा गुट की बात सुन रहे हैं। उनकी बात नहीं सुनी जा रही। विरोध प्रदर्शन के बीच ही ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ले गए।
एसआरके गुट के ओमबीर पंवार, मोहक्कम छौक्कर, बलकार निंबरी, प्रेम सचदेवा, चांद चौधरी, बलबीर राव, सुभाष तंवर, जितेंद्र कुंडू, आजाद मलिक व तेजेंद्र ने कहा कि जिलाध्यक्ष के चुनाव में पक्षपात किया जा रहा है। जब केंद्र से एक ऑब्जर्वर की ड्यूटी लगाई गई तो उसकी निगरानी के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उनके साथ तीन-तीन ऑब्जर्वर क्यों जोड़े। उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। दूसरे गुट की बात ही मानी जा रही है। वो ऑब्वर्जर से अकेले में बात करना चाहते थे, लेकिन उन पर निगरानी बैठा दी गई। ऐसे में ये उनके साथ पक्षपात हो रहा है। असली कांग्रेस के सिपाही वो हैं। ऑब्जर्वर ने उनके विरोध स्वरूप उनकी एक भी बात नहीं सुनी।
भूपेंद्र हुड्डा गुट से ये पहुंचे थे-
सचिन कुंडू, जगदेव मलिक, कर्ण सिंह कादियान, महेंद्र सिंह कादियान, खुशीराम जागलान, कंवर सिंह छौक्कर, धर्मेंद्र अहलावत, बुल्लेशाह, तेजबीर जागलान व सुरेश वर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे।
आरोप निराधार : मेहता
ऑब्जर्वर के सहायक के रूप में पहुंचे भीम सैन मेहता ने बताया कि कुछ लोगों ने विरोध किया था। युवराज भदौरिया ने उन्हें शांत करने का प्रयास भी किया था। किसी गुट को महत्व देने के आरोप निराधार हैं। सबका बराबर पक्ष सुना गया है। जिले में जल्द संगठन का विस्तार होगा।