पानीपत। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 30 अक्तूबर और दो नवंबर को होने जा रहे हैं। इनमें 30 को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव होंगे। वहीं दो नवंबर को सरपंच और पंच के चुनाव होंगे। इसे लेकर शुक्रवार शाम को ही प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार तो बंद कर दिया है लेकिन दो दो चार चार गुट में लोग मतदाताओं को लुभाने में लगे हैं। खास बात ये है कि अबकी बार जिला परिषद के चुनाव में ज्यादातर चेहरे नए देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि ज्यादातर पुराने दावेदारों ने वार्ड रिजर्व और चेयरमैन की सीट महिला रिजर्व होने समेत पार्टी से सिंबल न मिलने की वजह से चुनाव से दूरी बना ली है। महिला प्रत्याशी पुरुषों के मुकाबले कम जरूर हैं लेकिन अबकी बार चेयरमैन पद पर एक बार फिर से अपना परचम लहराने जा रही हैं।
जिले के 17 वार्डों में जिला परिषद के 107 प्रत्याशी हैं। इनमें से 9 वार्डों पर कुल 65 पुरुष प्रत्याशी हैं जबकि बचे आठ वार्डों में से कुल 42 महिला प्रत्याशी हैं। इनमें से ही एक चुनाव जीतने के बाद चेयरमैन बनेगी। उल्लेखनीय है कि इस बार चेयरमैन की सीट महिला के लिए आरक्षित की गई। राजनीतिक दल चुनाव पर प्रत्याशियों को सिंबल नहीं दे पाए, जिसकी वजह से पुराने पार्षदों ने चुनाव से ही दूरी बना ली। बताया जा रहा है कि अकेले करनाल लोकसभा क्षेत्र का ही ये हाल है। लोकसभा में पानीपत और करनाल जिले के सभी विधानसभाओं के प्रत्याशी बिना सिंबल पर चुनाव लड़े हैं। जबकि अन्य जगहों पर राजनीतिक दल प्रत्याशियों को सिंबल से ही चुनाव लड़ा रहे हैं।
भाजपा के सिंबल की बात करें तो प्रदेश कार्यकारिणी ने सिंबल पर चुनाव लड़ाने का फैसला जिला कार्यकारिणी पर छोड़ दिया था। जिला कार्यकारिणी ने संगठन में एकजुटता बनाए रखने के लिए प्रत्याशियों को सिंबल नहीं दिए। माना जा रहा है कि अगर एक प्रत्याशी को सिंबल दिया जाता तो बाकी नाराज हो जाते। दूसरी ओर पिछले काफी समय पर सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने वाले प्रत्याशियों को जब सिंबल नहीं मिला तो उन्होंने चुनाव से ही दूरी बना ली। अब इन नेताओं के सामने दोहरी मुसीबत ये आन पड़ी कि एक तो चेयरमैन सीट महिला के लिए है। इनके अलग से 17 में से 8 वार्ड रिजर्व हैं। दूसरा पार्टी का सिंबल भी नहीं मिला।
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ये वार्ड हैं आरक्षित
जातीय आधार पर वार्ड आरक्षण की बात करें तो कुल 17 वार्डों में से एससी वर्ग के लिए तीन वार्ड आरक्षित हैं। इनमें एक वार्ड महिलाओं के लिए है। बीसी वर्ग के लिए दो वार्ड हैं, दोनों ही वार्ड महिलाओं के खाते में आए हैं। वहीं 12 जनरल वार्डों में से पांच वार्ड भी महिलाओं को दिए गए हैं। जिससे कुल आठ वार्डों पर महिला प्रत्याशी बनेंगी और चेयरमैन के दावेदारी ठोकेंगी। अब तक चेयरमैन पद के सशक्त दावेदारों में वार्ड नंबर तीन से पूर्व चेयरमैन रहीं आशू शेरा और वार्ड नंबर 15 से पूर्व मंत्री बिजेंद्र बिल्लू की पत्नी सुशीला ही सामने आई है।
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इन वार्डों की इन महिला प्रत्याशियों में से जीत के बाद एक बनेगी चेयरमैन
- वार्ड नंबर तीन से कुल छह प्रत्याशियों में पूर्व चेयरमैन आशू शेरा, अन्नू, आशा, कविता, मुकेश और सतविंद्र कौर शामिल हैं।
- वार्ड नंबर पांच से भी छह प्रत्याशियों में मीना, ज्योति सोनी, ज्योति कश्यप, रेखा पत्नी नीरज, रेखा पत्नी प्रदीप और रेखा रानी पत्नी हरेंद्र शामिल हैं।
- वार्ड नंबर सात में कुल पांच महिला प्रत्याशियों में नीलम, मनोरमा, सुदेश, सुमित्रा और पूनम शामिल हैं।
- वार्ड नंबर नौ में कुल चार महिला प्रत्याशी हैं। इनमें ज्योति, रेणू, सुनीता और सोनिया शामिल हैं।
- वार्ड नंबर 11 में कुल पांच महिला प्रत्याशियों में कोमल, मंजू, ममता, लक्की और सुमन शामिल हैं।
- वार्ड नंबर 13 से कुल छह महिला प्रत्याशियों में काजल, नमिता, प्रमीला, मीना, राशिदा और शहनाज शामिल हैं।
- वार्ड नंबर 15 में कुल तीन प्रत्याशी हैं। इनमें प्रियंका तोमर, सुशीला और सुमन शामिल हैं।
- वार्ड नंबर 16 में सात महिला प्रत्याशी हैं। इनमें किरण, देवी, पूजा, बबीता, मोनिका, रितू और रेखा शामिल हैं। इनमें से भी किसी के पास पार्टी सिंबल नहीं है।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त सभी वार्डों में किसी भी प्रत्याशी के पास किसी भी राजनीतिक दल का सिंबल नहीं है।