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Panipat News: एकादशी आज, सुकर्मा योग में होगी फलदायी

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पानीपत। इस साल की अंतिम एकादशी का व्रत वीरवार को होगी। इसे सफला एकादशी का नाम दिया गया है। इस दिन सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 10:23 बजे तक रहेगा।
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वहीं स्वाति नक्षत्र शाम को सवा छह बजे तक रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:42 बजे तक रहेगा। माना जाता है कि यह हर किसी के लिए फलदायी होगी।
पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 25 दिसंबर को रात 10:29 बजे शुरू होगी। इस तिथि का समापन 27 दिसंबर रात 12:43 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार 26 दिसंबर को सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसका शुभ मुहूर्त पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7:12 से 8:30 बजे रहेगा। इस अवधि में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं।
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पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि वीरवार का दिन भगवान विष्णु का माना जाता है। इस दिन सफला एकादशी का व्रत भी है। ऐसे में इस दिन विशेष योग बन रहा है। सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद घर के मंदिर में गणेश पूजा करें। गणेश पूजन के बाद भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
भगवान के सामने व्रत करने का संकल्प लें। एकादशी व्रत करने वाले भक्तों को दिनभर अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें फलाहार कर सकते हैं। इस दिन सुबह व शाम को विष्णु की पूजा करें और दिनभर विष्णु के मंत्र का जप करें। अगले दिन द्वादशी पर सुबह फिर से विष्णु पूजन करें। पूजा के उपरांत ब्राह्मण और गोमाता को भोजन कराएं और फिर स्वयं भोजन करें।
इन बातों का भी रखें ध्यान: शास्त्रों में बताया गया है कि सफला एकादशी का व्रत विधि विधान से करने पर भगवान नारायण की कृपा बनी रहती है। इस दिन भगवान हरि के निमित्त उनके विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं।
संध्या काल के समय तुलसी के पास गाय के घी का दीपदान करना चाहिए। इस दिन चावल बिल्कुल भी न खाएं।
ऐसा करने से घोर पाप के भागी बन सकते हैं। सफला एकादशी की व्रत कथा सुननी चाहिए। तभी व्रत पूर्ण माना जाता है।

25सीटीके06..महाकुंभ के लिए सामना को खाना करते संत व भाजपा कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : jammu

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