पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत से गांजा तस्करी के मामले में मां-बेटे समेत आठ तस्करों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी को 10-10 साल की कैद और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी प्रेमो उसके बेटे गुरमेज, कांता, गुरदास निवासी राक्सेडा थाना समालखा, राजकौर निवासी झगौला थाना अलीपुर दिल्ली, मलकीत निवासी बसाडा थाना समालखा, निशान सिंह नलीपुर करनाल, गुरमीत गढ़ी नवाब बापौली पानीपत मिलकर उड़ीसा से गांजा की तस्करी कर रहे थे। उधर, अदालत से राक्सेडा गांव के काला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
मामले के अनुसार, सात अगस्त 2021 में सीआईए-3 में तैनात एएसआई सुभाषचंद्र ने थाना सेक्टर-29 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति नशा तस्करी करने के लिए सिवाह बस अड्डे पर खड़े हैं। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर तीन महिलाएं और पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो-दो किग्रा के 53 पैकेट गांजा बरामद किया। जिसका कुल वजन 106 किग्रा था। सभी से पूछताछ की गई तो आरोपियों ने बताया कि वह सभी मिलकर गांजा तस्करी करते हैं।
राक्सेडा के काला ने बताया था कि उसकी उड़ीसा में सेटिंग है जहां से वह उन्हें सस्ते दाम में गांजा उपलब्ध करा देगा। जिस कारण वह उड़ीसा पहुंचे और गांजा की खेप लेकर पानीपत आए। उन्हें यह खेप औद्योगिक क्षेत्र व ट्रक यूनियन के आस-पास सप्लाई करनी थी।
पुलिस ने मौके से गिरफ्तार हुए आठ आरोपियों और उनके साथी काला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की विशेष एनडीपीएस अदालत में हुई। पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के बाद अदालत से भी तीन महिला समेत आठ तस्करों को दोषी करार दिया।
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ट्रेन से पहुंचे थे आगरा, फिर गाड़ी लेकर आए पानीपत
पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वह काफी समय से गांजा तस्करी कर रहे थे। काला ने उन्हें बताया था कि उड़ीसा में उनका नेटवर्क है। इसके बाद वह सभी ट्रेन में सवार होकर अकांपल्ली उड़ीसा पहुंचे। जहां उन्हें दो व्यक्ति मिले और उन्होंने होटल में ही 106 किग्रा गांजा उपलब्ध करा दिया। उन्होंने दो-दो किग्रा के 53 पैकट बनाए। तीन महिलाओं ने छह-छह पैकेट और पांच व्यक्तियों ने सात-सात पैकेट अपने अपने बैग में रखे और विजयवाडा पहुंचे। जहां से वह ट्रेन द्वारा आगरा पहुंचे। आगरा से उन्होंने किराये पर गाड़ी की और एक ही गाड़ी से पानीपत के सिवाह बस अड्डे पर पहुंचे थे। जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर किया।
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