हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने उन निजी स्कूलों पर सख्ती शुरू कर दी है। जिन्होंने सस्ती दरों पर विभाग से गरीब बच्चों को शिक्षा देने के नाम पर प्लॉट अलॉट कराए थे। विभाग को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थी कि ये स्कूल विभाग के नियमों को फॉलो नहीं कर रहे हैं और ना ही गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए कोई खास कदम उठाए जा रहे है। स्कूलों को कर्मिशयल बेस पर चलाया जा रहा है, जोकि नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। इस शिकायत पर एचएसवीपी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, पंचकूला ने इस संबंध में सभी जिलों में नोटिस जारी करते हुए इनके खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एचएसवीपी ने विभाग की भूमि पर चल रहे छह स्कूलों को इस संबंध में नोटिस जारी कर 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। अब तक एसडीवीएम स्कूल ने नोटिस का जवाब दिया है। पांच स्कूलों ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया है। इनको दोबारा रिमाइंडर भेजा जा रहा है। एचएसवीपी मुख्यालय ने अपने नोटिस में ये स्पष्ट कर दिया है कि सभी स्कूल सोसाइटी को विभाग का एक कर्मचारी सोसाइटी में सदस्य बनाना होगा। सोसाइटी की पूरी कार्यप्रणाली में विभाग का सदस्य भी भागीदार होगा। स्कूलों को 10 प्रतिशत मेरिट में आने वाले व 10 प्रतिशत गरीब बच्चों के एडमिशन लेने होंगे।
एसडीवीएम को भेजा है साढ़े पांच करोड़ का रिकवरी नोटिस
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने एसडी एजुकेशन सोसाइटी को 55720364 रुपये का रिकवरी नोटिस भेजा है। सोसाइटी ने सेक्टर 12 स्थित एसडीवीएम स्कूल के प्लॉट को अलॉट कराने के बाद उसकी किश्त नहीं भरी थी। इसलिए विभाग ने अब 15 साल बाद ब्याज समेत सोसाइटी को नोटिस जारी किया है। विभाग ने सोसाइटी को ये प्लॉट 41159348 रुपये में अलॉट किया था। अब विभाग ने किश्त ब्याज की कीमत 12841610 व एन्हासमेंट ब्याज की कीमत 42878754 रुपये तय की है।
स्कूल की अलॉटमेंट फाइल भी विभाग के कार्यालय से गुम
एसडीवीएम स्कूल की अलॉटमेंट फाइल भी विभाग के कार्यालय से लगभग पांच साल पहले गुम हो गई थी। उस फाइल में ही प्लॉट का रेट, किश्तों की जानकारी समेत सभी प्रकार की जानकारी थी। अब विभाग ने दोबारा स्कूल की भूमि की कुंडली खंगालकर ये रिकवरी नोटिस भेजा है।
2011 में स्कूल को अवैध रूप से तीसरी मंजिल बनाने का हुआ नोटिस जारी
एसडीवीएम स्कूल की तीसरी मंजिल भी विभाग की जांच में अवैध पाई गई थी। आरोप है कि सोसाइटी ने बिना विभाग से परमिशन लिए तीसरी मंजिल का निर्माण कर दिया था। इस संबंध में विभाग ने 2011 में सोसाइटी को नोटिस जारी किया था, लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एचएसवीपी की 116 एकड़ भूमि पर कब्जे
आर्थिक तंगी झेल रहे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की बेशकीमती जमीन को यहां फ्री में हथिया लिया जा रहा है। हुडा के 12 सेक्टरों में 116 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। यह आंकड़ा खुद हुडा विभाग की अतिक्रमण रिपोर्ट बता रही है। हुडा अधिकारी खामोश रहते हैं। पिछले दो साल ही में ही 63 एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जे हुए हैं। 2016 में सेक्टर 11 में गरीबों के लिए काटे गए 15 प्लाटों पर खुलेआम कब्जा कर अवैध कमर्शियल दुकान बना दी गई और हुडा अधिकारी आज तक कुछ नहीं कर पाए। अधिकारी विभागीय रिकॉर्ड में हर माह स्थायी अस्थाई अतिक्रमण की रिपोर्ट ही भेजते रहे। रिपोर्ट में कब्जे बढ़ते गए।
अब विभाग ने अपनी भूमि का सर्वे किया शुरू
विभाग ने अपनी भूमि से कब्जे हटवाने के लिए सेक्टर 6 व संतनगर में सर्वे शुरू कर दिया है। भूमि की निशानदेही कराई जा रही है। इसके बाद सेक्टर 7, 13, 17, 18 व 40 की भी निशानदेही होगी।
हमने विभाग के नोटिस का जवाब दे दिया है। हमने स्वीनिंग पुल की परमिशन भी विभाग में भेज दी है। विभाग ने जो भी उनसे मांगा था सभी जवाब दे दिए हैं। इसकी कॉपी एचएसवीपी के मुख्यालय में भी भेज दी है।
- राकेश तायल, संचालक पाइट स्कूल
विभाग ने जिन स्कूलों को स्कूल के लिए प्लॉट अलॉट किए थे। उन सभी स्कूलों की शिकायत है कि वो कमर्शियल रूप से चल रहे हैं। अब सोसाइटी को उनके विभाग का एक कर्मचारी अपनी सोसाइटी का सदस्य बनाना होगा। मेरिट व गरीब बच्चों के 20 प्रतिशत दाखिले स्कूलों में लेने होंगे। इस संबंध में छह स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है। एसडीवीएम स्कूल का उनके पास जवाब दिया है।
- योगेश रंगा, ईओ एचएसवीपी