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प्रिंसिपल की बच्चों को धमकी, बोले- स्कूल से बाहर निकले तो चरित्र प्रमाण पत्र खराब बनेगा

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आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मुख्याध्यापक की मुश्किलें अब बढ़ती जा रहीं हैं। स्कूल के बच्चों ने जब मुख्याध्यापक के गलत व्यवहार के विरोध में आवाज उठाई तो अब कई अध्यापक भी मुख्याध्यापक के विरोध में आ गए हैं। उन्होंने भी मुख्याध्यापक पर गलत व्यवहार करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मुख्याध्यापक मामले को दबाने की कोशिश में लगे हुए हैं। जिसके चलते उन्होंने सोमवार को स्कूल पहुंचे बच्चों का चरित्र प्रमाण पत्र गलत बनाने तक की धमकी दे डाली, बच्चों में इस बात को लेकर काफी डर बना हुआ है। वहीं इन स्कूली बच्चों के अभिभावकों के लिए भी यह मामल सरदर्द बन चुका है। वहीं प्रदर्शन करने वाले बच्चों को धमकाते हुए स्कूल से उनका नाम काटने की धमकी की ऑडियो भी वायरल हुई हो चुकी है।
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मुख्याध्यापक द्वारा तानाशाही रवैये के कारण हटाए गए कुछ अध्यापकों ने उनके कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं। जिनमें स्कूल ग्राउंड के नाम पर 2 हजार रुपये प्रति बच्चा, प्रति माह फीस वसूली करना, उनकी पर्ची की रिसिविंग तक न देना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना आदि। इस बारे में जब प्रिसिंपल से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाए।
गौरतलब है कि आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने स्कूल प्रिंसिपल के गलत व्यवहार के खिलाफ शनिवार को लघु सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया था। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उपायुक्त को शिकायत भी की। इसके बाद प्रिंसिपल ने खुद के बचाव के लिए बच्चों को धमकाना शुरू कर दिया है। कभी उनके नाम काटने तो कभी उनका चरित्र प्रमाण पत्र गलत बनाने के नाम पर डाराया जा रहा है।
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- बाहर निकले तो चरित्र प्रमाण पत्र बना देंगे गलत, फिर पछताओगे-
स्कूल के कक्षा ग्यारह व बारह के विद्यार्थियों ने बताया कि प्रिंसिपल तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। वे स्कूल में लैब नहीं खुलने देते, उन्हें गाली देते हैं। प्रेक्टिल के नाम पर पैसे ऐंठते हैं। वहीं उनका विरोध किया तो उनके नाम काटने की धमकी दी गई। अब बच्चों को क्लॉस में जाकर उनका चरित्र प्रमाण पत्र गलत बनाने की धमकी दी जा रही है। इससे बच्चों में भय का माहोल बन चुका है। इससे पहले बच्चों व उनके अभिभावकों को रविवार व सोमवार को स्कूल में बुलाकर नाम काटने की धमकी भी दी जा चुकी है।
- ग्राउंड में खेलने के नाम पर मांगे थे 2 हजार प्रति बच्चा-
एक पूर्व कोच ने भी सोमवार को उपायुक्त को सोंपी शिकायत में बताया कि मुख्याध्यापक ने ग्राउंड में खेलने के नाम पर उनके माध्यम से प्रति बच्चा 2 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से मांगे थे। उन्होंने जब इससे मना किया तो उन्हें नोकरी से निकालने की धमकी दी। उन्होंने मजबूरन बच्चों से एक हजार रुपये तक उगाही की। इसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। जिसके बाद ग्राउंड को किराए पर दे दिया गया। उन्होंने बताया कि मुख्याध्यापक ने उन्हें कभी बच्चों की फीस की पर्ची तक नहीं दी, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रहा है।
- ऐसे नहीं होने दिया जाएगा, जांच होगी-
आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है, जोकि गलत हो रहा है। ऐसे किसी व्यक्ति विशेष द्वारा आर्य संस्था के नाम को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले की गहना से जांच की जाएगी। अभी प्रबंधन समिति से जांच करवाई जाएगी।
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- रामपाल दहिया, आर्य प्रतिनिधि सभा, रोहतक, हरियाणा।
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