पश्चिमी विक्षोभ ने एक बार फिर अपना असर दिखाया और रविवार सुबह आसमान में काली घटा छा गई। काली घटा के कारण दिन में ही कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया। इसके साथ ही पहले आई धूलभरी आंधी और उसके बाद हुई बारिश ने लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। आंधी व बारिश के बीच खेतों मेें जहां भूसा गीला होने से रीपर मशीन की रफ्तार थम गई, वहीं अनाजमंडियों में गेहूं की लाखों बोरियों भीग गई। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगह पेड़ उखड़कर गिर गए। आंधी केे कारण बाजारों में भी कुछ दुकानों के आगे के बैनर व होर्डिंग भी उखड़ गए। आंधी व बारिश के कारण बिजली भी प्रभावित हुई। कई जगह बिजली के तारों पर पेड़ की टहनियां गिरने से बिजली में फाल्ट आ गया। बारिश के कारण कल की अपेक्षा तापमान में भी करीब 2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आंधी की रफ्तार करीब 38 किलोमीटर प्रति घंटा रही। हालांकि बूंदाबांदी शुरू होने के बाद हवा की गति धीमी पड़ने लगी थी। वहीं आसमान में छाए घने काले बादलों को देखकर तेज बरसात होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन काली घटा की अपेक्षा बरसात कम हुई। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को करीब 2 एमएम बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी सूचना है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बरकरार रह सकता है। इस सप्ताह शुक्रवार तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। रविवार सुबह जहां दिन की शुरूआत तेज धूप से हुई थी। वहीं सुबह करीब पौने 11 बजे आसमान में अचानक बादल छाने लगे। देखते ही देखते पूरा आसमान काले घने बादलों से घिर गया। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। चहुं ओर धूल भरा वातावरण हो गया था। जिससे कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। वाहन चालकों को दिन में लाइट जलाकर चलना पड़ा। कुछ ही देर बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। आंधी से बिजली हुई प्रभावितधूल भरी आंधी चलने से ग्रामीण क्षेत्रों व कई कालोनियों की बिजली भी गुल हो गई। आंधी व बूंदाबांदी थमने के बाद कई स्थानों पर हालांकि बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। जबकि कुछ स्थानों पर कर्मचारी फाल्ट ढूंढते रहे। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में शाम तक बिजली सुचारू नहीं हो पाई थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आंधी से बिजली के पोल व तारों को नुकसान नहीं पहुंचा है। कुछ जगह फाल्ट हैं, जिन्हें जल्द ही ठीक कर बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
तुड़ी बनाने का काम रुका
आंधी व बारिश के कारण खेतों में रीपर मशीन से तुड़ी बनाने का काम थम गया। बारिश के कारण खेतों में गेहूं के फाने गीले हो गए। किसानों प्रदीप गाहल्याण, सुरेंद्र रोजड़ा, बिट्टू कारल, राजेश नैन ने बताया कि कुछ किसानों का तुड़ी बनवाने का काम बचा हुआ है। बारिश के कारण अब तुड़ी बनाने का काम कम से कम दो दिन के लिए रूक गया है।
गेहूं को नुक्सान नहीं: मान
बारिश के कारण अनाजमंडियों में गेहूं की बोरियां जरूर भीगी हैं। पानीपत अनाज मंडी में गेहूं की आवक पूरी हो चुकी है। गेहूं का 90 प्रतिशत से अधिक उठान किया जा चुका है। पानीपत मंडी में करीब 4000 गेहूं की बोरियां बारिश से भीगी हैं। बारिश ज्यादा तेज नहीं थी जिससे गेहूं में नमी आई है। एकाध दिन में गेहूं सूख जाएगा। इसके बाद शेष बची गेहूं की बोरियों का उठान भी कर दिया जाएगा।नरेश मान, सचिव, मार्केट कमेटी, पानीपत।
बारिश से किसानों को कोई नुक्सान नहीं: आर्य
किसानों का गेहूं कटाई व उठान का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कुछ किसानों की तुड़ी बनवाने का कार्य शेष है। बारिश से किसानों को नुक्सान नहीं बल्कि फायदा है। लगभग दो एमएम बारिश हुई है जो खेती के फायदेमंद है।वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।