- नवादा-आर में पहले से बंद है काम, विभाग की टीम लगातार कर रही गश्त
नंबर गेम-
44269 क्यूसेक पानी छोड़ा गया सुबह सात बजे
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना में कटाव बंद कर पाना मुश्किल होता जा रहा है। खोजकीपुर गांव में मजदूर नहीं मिलने से काम नहीं हो सका। वहीं नवादा-आर गांव में यमुना में पानी के चलते रास्ता न मिलने पर कटाव भरने का काम पहले से बंद है। ऐसे में सिंचाई विभाग ने जेसीबी व ट्रैक्टर की मदद ली। इससे तटबंध के गड्ढों को बंद करने के साथ रास्ते को समतल किया गया। सिंचाई विभाग की टीम करीब 40 किलोमीटर लंबी यमुना में लगातार गश्त कर रही है।
यमुना में रविवार को हथिनी कुंड बैराज से अलग-अलग समय में पानी छोड़ा गया। यह पानी सोमवार को सनौली यमुना पुल से आने पर पानीपत की सीमा पार कर दिल्ली की तरफ चला गया। दो दिनों से यमुना नदी का जलस्तर स्थिर चल रहा है। यमुना में करीब 80 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। गांव नवादा-आर, खोजकीपुर और हथवाला में यमुना के पानी से कटाव हो रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से इस बार करीब छह करोड़ रुपये की लागत से गांव राणा माजरा, तामशाबाद, नन्हेड़ा कांप्लेक्स, मिर्जापुर व गोयला में पत्थरों की 12 पुरानी ठोकरों की मरम्मत कराई। इसके साथ ही छह नई ठोकर बनवाई हैं। जबकि पत्थरगढ़ गांव में करीब पौने दो किमी तटबंध पर डेढ़ करोड़ की लागत से लाइनिंग का आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है।
रविवार तड़के पांच बजे करीब 18846 क्यूसेक, छह बजे 22866, सात बजे 24071, आठ बजे 30461, नौ बजे 29750, 10 बजे 31775, 11 बजे 32657, 12 बजे 36436, दोपहर एक बजे 34661, दो बजे 31108, तीन बजे 35157, चार बजे 39659, पांच बजे 28190, छह बजे 31255, सात बजे 44269, आठ बजे 37788 और नौ बजे 30239 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है
वर्जन :
सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ बचाओ प्रबंधन के तहत पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जिला की सीमा में कहीं पर भी खतरा नहीं है। अधिकारी व कर्मचारी तटबंध पर लगातार गश्त कर रहे हैं। तटबंध पर कटाव जल्द भर दिए जाएंगे।
- सुरेश कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
यमुना में चेतावनी के निशान से नीचे बहता पानी। संवाद