पानीपत। शहर की आबोहवा खराब हो चुकी है। जहरीली हवा लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए जिले में नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के स्कूलों की छुट्टी कर दी है। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया ने बढ़ते प्रदूषण के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग व प्रदूषण नियंत्रण आयोग की अनुशंसा ये आदेश जारी किए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी .डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने ये निर्देश मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पी. राघवेंद्र राव से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करने के बाद दिए। उन्होंने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार बढ़ोतरी होने से ग्रैप के स्टेज चार की स्थिति आ गई है। अत्यंत गंभीर श्रेणी की स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव का अंदेशा बना हुआ हैं। यह आदेश जिला के सभी निजी व सरकारी शिक्षण संस्थाओं में आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि सभी औद्योगिक संस्थानों में यह सुनिश्चित किया जाए कि अधिकृत रूप से ईंधन ही उपयोग में लाया जाए। सभी निर्माण कार्य जिला में बंद किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी बिल्डिंगों के निर्माण कार्य भी वर्तमान में आगामी आदेशों तक बंद किए गए हैं। उन्होंने लोगों से भी अपील की की वह खुले में कूड़ा न जलाएं।
उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पी राघवेंद्र राव को बताया कि जिला में विगत 11 दिन से पराली जलाने की कोई घटना नहीं घटी है। किसानों को दिन प्रतिदिन इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बैठक में सहायक सचिव आरटीए शम्मी शर्मा को निर्देश दिए की अनधिकृत रूप से चलने वाले वाहनों की धर पकड़ भी की जाए। 10 साल पुराने डीजल के वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहनों को किसी भी सूरत में सड़कों पर न चलने दिया जाए और उन्हें जब्त किया जाए। डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पेड़ों पर व विभिन्न स्थानों पर पानी का छिड़काव करवाना भी सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे।