दिनभर चली तेज हवा के साथ आसमान रहा साफ। संवाद
पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते रविवार को मौसम में एक बार फिर बदलाव आ गया। तड़के करीब चार बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई, इसके बाद दिनभर रुक-रुककर बारिश चलती रही। बापौली खंड में सबसे अधिक पांच, मतलौडा व समालखा में तीन-तीन और इसराना व पानीपत में दो-दो एमएम बारिश दर्ज की।
बारिश और तेज हवा के बाद सरसों उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई। वहीं तापमान कम होने पर गेहूं उत्पादक किसानों ने कुछ राहत महसूस की है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे हल्के से मध्यम बादल छाए रहने और इस सप्ताह के मध्य हल्की से तेज बारिश का अनुमान जताया है।
पिछले दो दिन से आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए हुए थे। रविवार को तड़के करीब चार बजे तेज हवा के साथ बादल गहराने के साथ बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश हुई, इसके बाद दिनभर करीब 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। दिन में दोपहर तक रुक-रुक बारिश हुई। हवा के साथ बारिश आने से अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया था। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। अब दो दिन बादल छाए रह सकते हैं और वीरवार को फिर से बारिश की संभावना बन रही है। तेज हवा के साथ बारिश आने पर किसानों की चिंता और परेशानी बनी हुई है।
कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि बारिश में फसल को फायदा होगा। किसानों को अभी सिंचाई नहीं करनी चाहिए। ढिंडार गांव के रविंद्र ने बताया कि उनके तीन एकड़ में सरसों की फसल है। अब सरसों की फसल पकने की ओर है। तेज बारिश होने पर सरसों झड़ सकती है। शहरमालपुर के संदीप और प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले 15 से तापमान लगातार बढ़ रहा था, ऐसे में गेहूं का दाना सूख सकता था। अब तापमान में कुछ कमी आई है। मौसम सामान्य रहने पर गेहूं की फसल को फायदा होगा।