माई सिटी रिपोर्टर
बापौली। मेरा गांव मेरी शान अभियान के तहत मंगलवार को कमला सदन में हुए अमर उजाला के चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों ने गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने पेयजल किल्लत, मच्छरों का प्रकोप और ठप पड़ी स्ट्रीट लाइटों के समाधान की मांग उठाई। साथ ही रास्तों को दुरुस्त करने और चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को भी कहा।
ग्रामीणों ने पेयजल किल्लत, मच्छरों के प्रकोप और ठप पड़ी स्ट्रीट लाइटों को प्रमुख समस्या बताया। जर्जर रास्तों के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना दूभर हो गया है। सुरक्षा के लिए चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंचायत अधिकारी प्रजान मेहरा ने ग्राम विकास में ग्राम सभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान (जीपीडीपी) के तहत गांव के विकास का खाका तैयार हो रहा है। 18 वर्ष से अधिक आयु का प्रत्येक व्यक्ति अपनी राय रख सकता है। ग्राम सचिव और सरपंच के माध्यम से बजट का पारदर्शी इस्तेमाल सुनिश्चित होगा।
विशिष्ट अतिथि पंचायत समिति चेयरपर्सन सीमा रावल के प्रतिनिधि दीपक रावल, पंचायत समिति सदस्य सतीश रावल, समाजसेवी विनोद रावल, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन धर्मबीर और जिला परिषद प्रतिनिधि विपिन चावला रहे। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निरीक्षक सुशील कुमार ने ग्रामीणों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक जानकारी दी।
विकास योजनाएं और भूमि आवंटन : पंचायत अधिकारी प्रजान मेहरा ने बताया कि अगले साल के बजट में बढ़ोतरी के लिए ग्रामीणों को आगे आना होगा। उन्होंने 31 मार्च 2004 से पहले के प्लॉट आवेदकों को नियमानुसार भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रास्ता, तालाब और बस स्टैंड की भूमि को छोड़कर ही अन्य उपयुक्त भूमि पर नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
समाजसेवी विनोद रावल ने बीमारियों की रोकथाम और खेल सुविधाओं की बदहाली की आवाज उठाई है। उन्होंने खेल स्टेडियम की दुर्दशा पर भी चिंता जताई। बताया कि स्टेडियम में पानी की कोई व्यवस्था न होने के कारण खिलाड़ियों को मजबूरन घर से पानी की बोतलें साथ लानी पड़ती हैं। शौचालय भी क्षतिग्रस्त हो चुका है और लाइट का भी कोई प्रबंध नहीं है। स्टेडियम में हॉल भी कंडम होने के कगार पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों की बागवानी के उचित प्रबंध नहीं हैं। ऐसे में पौधे सूख रहे हैं। गांव में महाग्राम योजना में सीवर तो बिछा दिया, लेकिन अभी तक सुचारु नहीं किया जा सका है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर
स्वास्थ्य निरीक्षक सुशील कुमार ने मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने एंटी-लार्वा अभियान शुरू कर दिया है। घरों या दुकानों के आसपास पानी भरा न होने दें। नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना और कारण बताओ नोटिस जारी होंगे। छोटे बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य है।
पहले मच्छर मारने के लिए स्प्रे किया जाता था। अब यह बंद है। पंचायत द्वारा फॉगिंग भी नहीं कराई जा रही है। गांव में मच्छर पनप गए हैं। ऐसे में बीमारी फैलने का डर सता रहा है। -जयपाल
लड़कियों के स्कूल में पेयजल के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इससे छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उमस भरी गर्मी में उनकी शिक्षा प्रभावित होती है। -ओमप्रकाश
क्षेत्र में पानी की बहुत ज्यादा किल्लत है। आमजन के साथ-साथ गोवंश के लिए भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पंचायत विभाग को इस दिशा में काम
करना चाहिए। -प्रवीण आर्य
बापौली और सनौली की फैक्टरियों में काम करने महिलाएं भी जाती हैं। उनकी सुरक्षा के लिए मुख्य चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। स्ट्रीट लाइट भी ठीक कराएं।-पंडित शिवकुमार
क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढे बने होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। रास्ते में गाड़ियां तक धंस जाती हैं। -आर्य शीशपाल
लोग नालियों में कचरा छोड़ देते हैं और डस्टबिन की सफाई नहीं होती। न तो डोर-टू-डोर कूड़ा उठान होता है और न ही डंपिंग स्टेशन बनाया गया है। चारों तरफ गंदगी का आलम है। -प्रमोद
गांव में बस स्टॉप नहीं है। बस क्यू शेल्टर की व्यवस्था न होने के कारण बसें मुख्य मार्ग पर नहीं मुड़ती हैं। इससे दैनिक यात्रियों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -सोमपाल
पानी निकासी के प्रबंध नहीं है। अनाज मंडी में पर्याप्त सुविधा नहीं हैं और सब्जी मंडी भी घोषणा तक सीमित रह गई हैं बापौली को महाग्राम योजना में शामिल किया गया है। -सतीश रावल
कोट्स फोटो
ओमप्रकाश ने बेटियों की शिक्षा से जुड़ी समस्या उठाया। उन्होंने कहा कि लड़कियों के स्कूल में पेयजल के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इससे छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण प्रवीण आर्य ने क्षेत्र में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आमजन के साथ-साथ गोवंश के लिए भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पंचायत विभाग को इस दिशा में काम करना चाहिए।
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पंडित शिवकुमार ने बताया कि बापौली और सनौली में फैक्ट्री आ गई हैं। गांव की महिलाएं भी काम पर जाती हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। इसके साथ स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक कराया जाएं।
कोट्स फोटो-
ग्रामीण आर्य शीशपाल ने बताया कि क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढे बने होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। रास्ते में गाड़ियां तक धंस जाती हैं।
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प्रमोद ने बताया कि लोग नालियों में कचरा छोड़ देते हैं और डस्टबिन की नियमित सफाई नहीं होती। क्षेत्र में न तो डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था है और न ही कोई डंपिंग स्टेशन बनाया गया है। इससे चारों तरफ गंदगी का आलम है।
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ग्रामीण सोमपाल ने परिवहन संबंधी गंभीर समस्या उठाया। उन्होंने बताया कि गांव में उचित बस स्टॉप नहीं है। बस स्टॉप न होने और बस क्यू शेल्टर की उचित व्यवस्था न होने के कारण बसें मुख्य मार्ग पर नहीं मुड़ती हैं। इससे दैनिक यात्रियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सतीश रावल ने बताया कि गांव में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं है। अनाज मंडी में पर्याप्त सुविधा नहीं हैं और सब्जी मंडी भी घोषणा तक सीमित रह गई हैं बापौली को महाग्राम योजना में शामिल किया गया है। ऐसे गांव में विकास तेज किया जाएगा।
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश
ओमप्रकाश