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दो माह में बिखर गया सपना: दिल्ली से बेहतर भविष्य के लिए भरी थी उड़ान, पानीपत के अंकुश को USA से किया डिपोर्ट

Thu, 06 Feb 2025 01:21 PM IST
नवीन दलाल अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

अमेरिका से डिपोर्ट हुए लोगों की वायरल सूची में कुरुक्षेत्र के दर्जन भर से ज्यादा लोग बताए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश कुछ माह पहले ही लाखों रुपये खर्च कर डंकी रास्ते से अमेरिका गए थे। वह ढंग से व्यवस्थित भी नहीं हो पाए और छह माह में डिपोर्ट कर दिए गए।
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अमृतसर एयरपोर्ट पर यूएस आर्मी का प्लेन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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विदेश जाकर परिवार की माली हालत सुधारने के युवाओं के सपने पर अमेरिका में ग्रहण लग गया है। बापौली के रिशपुर गांव के अंकुश ने लाखों रुपये खर्च कर अमेरिका में जीवन यापन करने का सपना लेकर दो माह पहले दिल्ली से उड़ान भरी थी। तमाम मुश्किलों से जूझते हुए अंकुश जैसे तैसे अमेरिका पहुंच भी गया। वहां अमेरिकन रक्षा बल ने अंकुश को पकड़ लिया। उसको कड़ी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। जेल में भी रहना पड़ा। अंतत: उसे डिपोर्ट कर दिया गया।

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गौरतलब है कि परिजन इस उम्मीद में थे कि सब ठीक हो जाएगा। अंकुश अमेरिका में बस जाएगा। वह वहां उनके व अपने सपने पूरे करेगा। अचानक दो दिन पहले समाचार मिला कि अमेरिका से 104 भारतीयों को भारत में डिपोर्ट किया जा रहा है। इस सूची में अंकुश का नाम देखते ही परिवार वाले परेशान हो गए परिवार ने अंकुश से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हुआ।

बुधवार सुबह अमेरिकन सैन्य विमान 104 भारतीयों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचा। यहां उन्हें पंजाब पुलिस को सौंपा गया। अब पुलिस उनका रिकॉर्ड खंगाल रही है। वेरिफिकेशन के बाद पंजाब पुलिस अब अंकुश समेत हरियाणा के अन्य युवाओं को सड़क रास्ते से घर के लिए रवाना करेगी।अंकुश के पिता जय भगवान ने बताया कि उन्हें अंकुश के अमृतसर आने की सूचना मिली है। अब तक अंकुश घर नहीं आया है। उनका संपर्क भी नहीं हुआ है। अंकुश से मिलने के बाद ही पूरी बात का पता चलेगा।

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अमेरिका से डिपोर्ट हुए व्यक्तियों में यमुनानगर के भी दो शामिल

यमुनानगर। अमेरिका से डिपोर्ट हुए हरियाणा के 33 लोगों में दो यमुनानगर जिले के रहने वाले है। जिला प्रशासन भी उनकी तलाश में जुट गया है। इसके लिए दोनों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। जानकारी के अनुसार अमेरिका ने अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस भारत डिपोर्ट किया था। अमेरिका से डिपोर्ट 205 लोगों में 33 हरियाणा के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इनमें दो व्यक्ति यमुनानगर के भी शामिल हैं।

इनमें से एक युवक चुहड़पुर और दूसरा हैबतपुर का रहने वाला वाला है लेकिन अभी तक गांव में इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की है। उधर, जिला प्रशासन का कहना है कि इस सूची में यमुनानगर के दो व्यक्ति शामिल हैं। उनके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। डीसी यमुनानगर पार्थ गुप्ता ने बताया कि सूची में यमुनानगर के दो व्यक्तियों के होने की जानकारी मिली है। अभी दोनों के बारे में जानकारी की जा रही है।

मनदीप जमीन बेचकर तो गुरप्रीत कर्ज लेकर डंकी मार्ग से गए थे अमेरिका

गोहला स्योमाजरा का मनदीप सिंह (25) एक साल पहले डंकी मार्ग से अमेरिका गया था। मनदीप के परिवार ने जमीन बेचकर उन्हें उसे अमेरिका भेजा था। वहां पहुंचते ही मनदीप सिंह के अमेरिकी इमीग्रेशन की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया था। उसके परिजन तभी से परेशान थे। जबकि अरनौली गांव निवासी गुरप्रीत सिंह (33) दो बच्चों का पिता है। बेहतर भविष्य की उम्मीद पाले गुरप्रीत रिश्तेदारों से छह माह पहले डंकी मार्ग से अमेरिका गया था। उसे वापस भारत भेजे जाने से परिवार गहरे सदमे में है।
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लाखों खर्च कर पहुंचे अमेरिका, छह माह में ही डिपोर्ट

कुरुक्षेत्र के नौ लोगों विकास कुमार कुरुक्षेत्र, खुशप्रीत सिंह इस्माईलाबाद, रोबिन हांडा इस्माईलाबाद, जगतार सिंह बटेड़ी, पेरिस शाहाबाद, जगतार सिंह धनीरामपुरा पिहोवा, योगेश आर्य खेड़ी रामनगर, साहिब सिंह पिहोवा, मनिंद्र कौर कुरुक्षेत्र के नाम शामिल हैं। एसपी वरूण सिंगला का कहना है कि अमेरिका से डिपोर्ट हुए लोगों की सूची अधिकारिक तौर पर उनके पास नहीं पहुंची है। फिलहाल पूरे मामले पर निगरानी जारी है।

छह माह पहले गया था खेड़ी रामनगर का योगेश
गांव खेड़ी रामनगर का आकाश अपने भाई योगेश आर्य का नाम डिपोर्ट किए लोगों की वायरल सूची में देखकर चिंतित है। उसने बताया कि प्रशासन की ओर से तो अभी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि योगेश छह माह पहले ही अमेरिका गया था। उसके पिता का करीब एक साल पहले व माता का करीब चार साल पहले निधन हो चुका है। आकाश ने बताया कि वह भी इंग्लैंड गया था परंतु तीन साल पहले घर लौट आया था। अब भाई योगेश के जाने के बाद परिवार को वहीं संभाल रहा है।

ढंग से व्यवस्थित भी नहीं हो पाए, पति-पत्नी व दो बच्चे छह माह में वापस भेजे गए
साहब सिंह करीब छह माह पहले पत्नी मनिंद्र कौर व दो बच्चों हरबाज व गुरनूर के साथ अमेरिका गए थे। वे सभी डिपोर्ट किए गए हैं। हालांकि वायरल सूची में साहब सिंह व मनिंद्र के नाम ही सामने आए हैं। साहब सिंह के पिता अमरीक सिंह भी पहले 20 साल तक अमेरिका रह चुके हैं और कईं वर्ष पहले वे पिहोवा लौट आए थे। वे उन्हें लेने के लिए अमृतसर रवाना हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बड़े स्तर पर खर्च के बाद बच्चे अमेरिका गए थे और अभी ढंग से सैटल भी नहीं हो पाए थे।
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