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किसानों पर दोहरी मार, बारिश से भीगी धान

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समालखा। किसान जयकुमार खाना खाते हुए व अपनी फसल की रखवाली करते । - फोटो : Panipat
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समालखा। बीते तीन दिन से हो रही बारिश और आढ़तियों की हड़ताल की वजह से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। मंडी में धान की खरीद नहीं होने की वजह से धान बारिश में भीग गई है। जो धान शेड के अंदर है वही बची है। धूप नहीं निकली तो उपज खराब हो जाएगी और नमी की वजह से भी खरीद न होने पाने का खतरा बन जाएगा।
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किसान राजपाल बहरारामपुर ने बताया कि पांच दिन से मंडी में ही हैं। रखने खाने की भी दिक्कत है। हड़ताल की वजह से खरीद नहीं हो रही है। फसल काली पड़ने लगी है। इससे नुकसान होगा। आढ़तियों और सरकार के बीच हम पिसकर रह गए हैं। मंडी में किसान बिजेंद्र महावटी, कर्मबीर, सुमेश, जितेंद्र आट्टा और सुभाष जौरासी समेत करीब 25 से अधिक किसान अपनी धान की फसल को दोबारा ट्रैक्टर ट्राली में लोड करने लगे हैं। उनका कहना है कि अब फसल को दिल्ली की नरेला मंडी में जाकर बेचेंगे। आढ़तियों की हड़ताल छठे दिन भी जारी रही। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बलजीत रूहल और सचिव अनिल ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती हैं, हड़ताल जारी रहेगी। किसान अपनी फसल कहीं भी ले जा सकते हैं।
बोले- किसान
पांच दिन से फसल लिए मंडी में ही पड़े हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं हैं। अब भी खरीद नहीं हुई तो मजबूरन नरेला मंडी दिल्ली जाना पड़ेगा।- राजेंद्र पावटी किसान
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धान की फसल तो खराब हो रही है। पांच दिन से दिन रात चौकीदारी करनी पड़ रही है। लावारिस पशुओं से रातभर रखवानी करनी पड़ती है। नई मंडी में करीब तीन सौ पशु हैं। - राजबीर जौरासी, किसान
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