सेक्टर 13-17 की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी पंकज ने बताया कि वह कैंसर के मरीज हैं। वह निजी अस्पताल में इलाज के लिए आई यहां इलाज करने से इंकार कर दिया। बोला गया कि पांच जुलाई तक चिरायु योजना के मरीजों का इलाज न हीं होगा। अब उन्होंने आठ हजार रुपये देकर कीमो करवाई है।
इलाज जरूरी है, अब क्या करें : सतपाल
सोनीपत के गांव सनपेड़ा निवासी सतपाल ने बताया कि उसकी मां बिमला को कैंसर है। वह मां को इलाज के लिए लाया था। यहां आकर पता चला कि चिरायु योजना के मरीजों का इलाज बंद है। उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है। अब पांच जुलाई के बाद इन्हें लाना पड़ेगा।
अब तक 52 हजार लोगों को मिला लाभ
चिरायु आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 52 हजार लोगों को अब तक इलाज मिला है। सरकार ने इन लोगों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस योजना के तहत 500 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। जिले के 54 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं।
आयुष्मान योजना के तहत बने पात्रों को भी नहीं मिलेगा इलाज : डॉ. दलीप
सरकार पर निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपये बकाया है। पांच जुलाई तक योजना के पात्रों का इलाज नहीं होगा। बकाया के लिए सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है पर अब तक बकाया भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में आईएमए की प्रदेश बॉडी के निर्देशों पर चिरायु योजना के पात्रों का इलाज बंद करने का फैसला लिया गया है। -डॉ. दलीप जरवाल, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन।
निजी अस्पतालों में इलाज न होने संबंधी उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने आईएमए से बैठक कर लोगों का इलाज करने का आग्रह किया है। उनका साफ कहना है कि स्टेट बॉडी के निर्देशों पर काम करेंगे। -डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।