पानीपत। सिविल अस्पताल में चार डॉक्टरों की टीम ने पहली बार एक महिला की मोलर गर्भावस्था का ऑपरेशन किया है। इस उपलब्धि पर सिविल सर्जन ने भी डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है। प्रसूति वार्ड की प्रभारी डॉ. लिपिका ने अपनी दो छात्र डॉक्टरों व बेहोशी के डॉक्टर के साथ मिलकर ये सर्जरी की है। एक घंटा तक चली इस सर्जरी पर पूरे अस्पताल प्रबंधन की नजर थी क्योंकि ये अस्पताल के डॉक्टरों की पहली सर्जरी थी। फिलहाल मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है, उनको प्रसूति वार्ड में भी शिफ्ट कर दिया गया है।
प्रसूति वार्ड प्रभारी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. लिपिका बंसल ने बताया कि उनके पास बृहस्पतिवार को एक 30 वर्षीय महिला अपनी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेकर आई थी। रिपोर्ट के अनुसार महिला को मोलर गर्भावस्था थी। मोलर गर्भावस्था धीरे धीरे रेड ट्यूमर का रूप ले लेती है । ये जानलेवा भी है। उन्होंने इस संबंध में पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर से चर्चा की और महिला का ऑपरेशन करने का फैसला किया। उन्होंने इस ऑपरेशन के लिए टीम में अपनी छात्र डॉ. वंदना व साक्षी को टीम में लिया। दोनों सिविल अस्पताल में डीएनबी कोर्स कर रही हैं।
बेहोशी विशेषज्ञ के रूप में पीएमओ ने डॉ. देवेंद्र चहल की ड्यूटी लगाई गई। महिला को अस्पताल में दाखिल किया गया। शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे महिला को ऑपेरशन थियेटर में ले जाया गया और एक घंटे में महिला की सफल सर्जरी की गई। डॉ. लिपिका के बताया कि मोलर गर्भावस्था 100 में से एक महिला में होती है।
क्या है मोलर गर्भावस्था
मोलर गर्भावस्था वह अवस्था है, जिसमें निषेचन के बाद, भ्रूण असामान्य रूप से विकसित होता है और अंगूर के एक गुच्छे की तरह दिखाई देता है। जिसे हाइडेटिडिफॉर्म मोल कहा जाता है। यह गर्भनाल की विकास संबंधी एक गंभीर बीमारी है। जिसका पता आमतौर पर शुरुआती तिमाही के दौरान चलता है और ज्यादातर मामलों में इसके कारण गर्भ खराब हो जाता है।
दूसरा केस-
8.67 इंच व पांच लीटर पानी निकाल महिला की सिजेरियन डिलीवरी की-
सिविल अस्पताल में डॉ. लिपिका की टीम ने महिला की सिजेरियन डिलीवरी की। इस महिला को पहले 8.67 इंच की रसोली थी। डॉक्टर ने पहले महिला की सिजेरियन डिलीवरी की फिर पेट में बना पांच लीटर पानी निकाला और रसोली को बाहर निकाला। ये ऑपरेशन सवा घंटे चला।
मोलर गर्भावस्था के लक्षण-
- रक्त रिसाव होना।
- दर्द होना।
जी घबराना
- उल्टियां आना
- हाई ब्लड प्रेशर
कोट
डॉक्टरों की टीम ने अच्छा काम किया। उन्होंने प्रयास है कि रोगियों को अस्पताल से रेफर करने की बजाय यहीं पर उनका उपचार किया जाए। अस्पताल में पहली बार डॉक्टरों की टीम ने मोलर गर्भावस्था का सफल ऑपरेशन किया है। इसके लिए डॉक्टरों की टीम को बधाई।
डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।