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Panipat News: जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश, 60 दिन में बीमा क्लेम पर फैसला करे कंपनी

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पिता के इलाज पर खर्च हुए थे 1.85 लाख रुपये, निधन के बाद बेटे ने की थी शिकायत
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हृदय रोग के इलाज और पॉलिसीधारक की मृत्यु से जुड़े बीमा क्लेम मामले में एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने शिकायतकर्ता को 15 दिन के भीतर आवश्यक मूल दस्तावेज कंपनी के पास जमा कराने और दस्तावेज मिलने के 60 दिन के अंदर क्लेम पर अंतिम निर्णय लेने को कहा है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा, सदस्य डॉ. रेखा चौधरी और विनीत कौशिक की पीठ ने मामले की सुनवाई की। गांव ददलाना निवासी सुमित कुमार ने 3 जनवरी 2023 को आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनके पिता तेज सिंह ने 13 मार्च 2019 को एचडीएफसी एर्गो से सर्व सुरक्षा प्लस पॉलिसी खरीदी थी, जो 12 मार्च 2024 तक वैध थी।
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जून 2022 में हृदय संबंधी बीमारी के कारण तेज सिंह को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज पर 1,85,300 रुपये खर्च हुए। इसी दौरान 26 जून 2022 को हार्ट फेल होने से उनकी मृत्यु हो गई। सुमित का आरोप था कि कंपनी ने क्लेम का लाभ देने में टालमटोल की।
कंपनी ने आयोग में जवाब दिया कि अस्पताल की डिस्चार्ज समरी के अनुसार मरीज को गंभीर हृदयाघात और मधुमेह की शिकायत थी। कंपनी ने यह भी कहा कि संबंधित पॉलिसी बेनिफिट पॉलिसी थी, सामान्य मेडिक्लेम पॉलिसी नहीं, और उसे पूरे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने शिकायतकर्ता को आवश्यक मूल दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज जमा कराने के बावजूद क्लेम का भुगतान नहीं होने पर शिकायतकर्ता दोबारा आयोग में शिकायत दायर कर सकता है।
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