पानीपत। माता-पिता जल्द अपनी जिम्मेदारी को पूरा करना चाहते थे। इसलिए शहर की ईदगाह कॉलोनी और कच्चा कैंप में दो किशोरियों के विवाह की तैयारी की जा रही थी। जब इसकी सूचना जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी को मिली। उन्होंने पुलिस और अपनी टीम को दोनों के घर भेजा और बाल विवाह रोकने के निर्देश देकर दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में तलब किया। दोनों किशोरियों के बाल विवाह रुकवाकर इनके परिजनों से शपथपत्र लिया गया है कि वह किशोरियों के बालिग होने तक इनका विवाह नहीं करेंगे।
बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि ईदगाह कॉलोनी में एक 13 साल की किशोरी का गोहाना में 17 साल के किशोर के साथ विवाह किया जा रहा था। 10 मई को यहां बरात आनी थी। इसकी सूचना उन्हें मिली थी। उन्होंने अपनी टीम यहां भेजकर विवाह को रुकवा दिया। लड़की और लड़के पक्ष के लोगों को बुधवार को उन्होंने अपने कार्यालय में बुलाया था। यहां लड़की की मां ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। वह दो बेटियों व एक बेटे की मां है। वह गुब्बारे बेचकर परिवार का पालन पोषण करती है। वह बेटी की शादी की अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहती थी। इसलिए उसने बेटी की शादी तय की थी। अब वह बालिग होने तक बेटी का विवाह नहीं करेगी। दूसरी ओर कच्चा कैंप में बतरा कॉलोनी से पांच मई को बरात आनी थी। उन्होंने यह निकाह रुकवाकर बुधवार को दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में तलब किया था। यहां लड़की पक्ष के लोग लड़की की आयु 18 साल प्रमाणित नहीं कर सके। उन्होंने आयु प्रमाणित न होने तक इस निकाह पर भी रोक लगा दी है।