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जन्मदिन पर ठीक ठाक टाइलों वाली सड़क को सीसी की नई बनाने का विधायक ने काट दिया फीता

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पानीपत। वार्ड नंबर 20 में एक सड़क के शिलान्यास को लेकर भाजपा नेताओं में मतभेद सामने आया है। मामला शहर विधायक द्वारा एक सड़क निर्माण के शिलान्यास से जुड़ा है। इसी मुद्दे पर मतभेद इतना बढ़ गया कि सीनियर डिप्टी मेयर तो शिलान्यास कार्यक्रम को छोड़ पहले ही निकल लिए। मेयर अवनीत कौर, आयुक्त श्याम लाल पूनिया और पार्षद लोकेश नांगरू भी मौके से नदारद रहे जबकि इन सभी का नाम शिलापट्ट पर अंकित था। मतभेद इस बात को लेकर है कि संबंधित सड़क कंक्रीट की बनी हुई है तो इसे दोबारा बनाने का क्या मतलब है, ऐसा करने से सिर्फ फंड की बर्बादी है।
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वार्ड 20 में कुछ ही दिनों पहले बनी टाइलों की अच्छी खासी सड़क का शहरी विधायक ने मंगलवार को अपने जन्म दिवस पर फीता काटकर शिलान्यास कर दिया। इससे भाजपा के ही नेताओं में भी नाराजगी देखने को मिली। जब मालूम हुआ कि निगम के 70 लाख रुपये बेवजह बर्बाद किए जा रहे हैं तो इसका खुलकर विरोध भी हुआ। कार्यक्रम में पहुंचे सीनियर डिप्टी मेयर तो शिलान्यास से पहले ही वापस हो लिए। वार्ड पार्षद ने इसका जमकर ठीकरा शहरी विधायक पर फोड़ा। जब विधायक को ये बातें मालूम हुई तो उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि सिर्फ टूटी हुई सड़क को ही बनाया जाए।
बता दें कि निगम ने विधायक की सिफारिश पर परूथी चौक से लेकर गैस गोदाम तक टाइलों से बनी अच्छी खासी सड़क को कंक्रीट से नई बनाने का 70 लाख रुपये का टेंडर लगा वर्क ऑर्डर जारी किया गया। खास बात ये रही कि शिलान्यास पट्ट पर विधायक समेत मेयर अवनीत कौर, आयुक्त श्याम लाल पूनिया और पार्षद लोकेश नांगरू का भी नाम था। जबकि इनमें से कोई भी मौके पर मौजूद नहीं था।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं वार्ड नंबर 20 के पार्षद लोकेश नांगरू ने इसका जिम्मेदार शहरी विधायक को ठहराया। उन्होंने कहा कि विधायक ने उनको बताए बिना सही सड़क का टेंडर लगाया और इसका शिलान्यास भी कर दिया। जबकि इसकी जरूरत नहीं थी। यह सड़क बिल्कुल ठीक है। निगम का 70 लाख रुपये बर्बाद किए जा रहे हैं। उनका नाम तक शिलान्यास पट्ट पर लिख दिया, जबकि वे मौके पर मौजूद भी नहीं थे। उन्होंने कहा कि शायद विधायक इस बार पार्षद का चुनाव लड़ने के मूड में हैं। तभी निगम में विशेष रुचि लेकर पार्षदों वाले काम भी खुद कर रहे हैं।
पार्षद ने कहा कि वार्ड में जो काम जरूरी हैं वे पेंडिंग हैं। जिनकी जरूरत नहीं है, उनके टेंडर होकर वर्क ऑर्डर हो रहे हैं। वार्ड में आठ विकास कार्यों की काफी जरूरत है, लेकिन टेंडर होने के बाद भी उनके वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो सके।
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