नगर निगम की सीनियर डिप्टी मेयर के पति समेत कांग्रेस पार्षदों ने शहर में विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सोमवार को लघु सचिवालय पर सांकेतिक धरना दिया।
पार्षदों ने डी-प्लान के तहत किए गए कार्यों की जांच व जल्द से जल्द टेंडर लगवाने की मांग की। पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर दो सप्ताह के अंदर टेंडर नहीं किए गए तो शहर वासियों के साथ धरने पर बैठे जाएंगे।
पार्षदों का ज्ञापन लेने पहुंचे उपायुक्त ने भी सीधे मुंह बात नहीं की और ज्ञापन पकड़ते ही वीडियो कांफ्रैंस की कहकर चले गए। उनके जाने के बाद पार्षदों ने नारेबाजी तेज कर दी।
सोमवार को कांग्रेस पार्षदों ने वार्डों में विकास कार्य न होने के चलते मोर्चा खोल दिया और लघु सचिवालय के वीआईपी गेट पर धरना शुरू कर दिया।
पार्षदों ने सरकार व शहरी विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पार्षदों ने कहा कि निगम बनने के बाद शहर में ठीक से विकास कार्य नहीं हो सकेंगे।
प्रशासन भी वार्डों के विकासमें अनदेखी बरत रहा है। इससे शहरवासियों में प्रशासन व सरकार के प्रति आक्रोश भरा हुआ है।
धरनारत पार्षदों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहरी विधायक के कहे अनुसार चल रहा है और उनके वार्डों को अनदेखा किया जा रहा है।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों को छोड़कर अन्य वार्डों में विकास कार्य किए जा रहे है। पार्षदों ने चेताते हुए कहा कि अगर दो सप्ताह के अंदर के प्रशासन द्वारा वार्डों में विकास कार्यों को कारगर कदम नहीं उठाया गया तो सभी पार्षद वार्डवासियों के साथ प्रशासन के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा देंगे।
कई षार्षद किनारा करते आए नजर
लघु सचिवालय में वार्डों विकास कार्य को लेकर धरने पर बैठे पार्षदों को देख कई पार्षद यह कहकर किनारा करते नजर आए कि कांग्रेस पार्षद विकास कार्यों को लेकर नहीं बल्कि राजनीति के चलते धरने पर बैठे हैं। ऐसे में अन्य पार्षद धरने में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि धरने पर बैठने से पहले कई पार्षद तैयार थे।
समस्या सुनने के लिए डीसी ने नहीं दिया समय
धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि समस्या सुनने के लिए डीसी ने एक मिनिट का भी समय नहीं दिया। लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पार्षदों के पास डीसी ज्ञापन लेने पहुंचे जरूर, लेकिन ज्ञापन लेते वापस चल दिए। वे ज्ञापन लेते हुए जांच करने का आश्वासन देते हुए वीडियों कांफ्रैंस में होने की बात कहते हुए चले गए।
कांग्रेसी पार्षदों ने सुनाया विकास न होने का दुखड़ा
वार्ड में विकास कार्यों को लेकर भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है। वार्ड-1 में सड़कें खस्ताहाल होने व स्ट्रीट लाइट न होने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपने चेहतों के वार्डों में काम करवाए जा रहें बाकि वार्डों की अनदेखी की जा रही है। वहीं प्रशासन मौन रहकर यह सब देख रहा है। यह सब मिलीभगत करके किया जा रहा है।
सुभाष बठला, सीनियर डिप्टी मेयर पति।
विधायक व अधिकारी अपने चेहतों को स्ट्रीट लाइट दे रहे हैं। वार्ड-14 में कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया जा रहा है। वार्ड में विकास वार्डों को लेकर करीब 13 महीने से टेंडर लगने की बांट देख रहा हूं। लगभग दो करोड़ के टेंडर हैं, इसमें शिव नगर डेढ़ करोड़ व विकास नगर में 50 लाख का टेंडर है। वार्ड में विकास कार्य न होने से लोगों में प्रशासन व सरकार के खिलाफ रोष है।
रामचंद्र कादियान, वार्ड-14 पार्षद पति
शहरी विधायक द्वारा एसी कोटे के तहत लगाई जाने वाली स्ट्रीट लाइट किसी अन्य वार्ड में लगवा दी गई हैं जबकि वार्ड-20 में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगवाई गई है। वार्ड में विकास कार्य को लेकर लगभग 50 लाख के टेंडर लगाए जाने थे, लेकिन पिछले 14 महीनों से एक भी टेंडर नहीं लग पाया है। इससे लोगों में रोष पनप रहा है।
बलजीत सिंह, वार्ड-20 पार्षद पति
वार्ड-21 में दीवान नगर व गुरु नानकपुरा में नालियों व स्लैब डालने के लिए लगभग 35 लाख का टेंडर 013 में लग गया था और वर्क ऑडर हो गए थे। बावजूद इसके आज तक न तो नालियां बन पाई और न स्लैब डाली जा सकी। शहर विधायक द्वारा विकास कार्यों में अड़चन पैदा की जा रही है। जिस कारण वार्ड वासियों में रोष पनप रहा है।
बृजभूषण पार्षद, वार्ड-21