पानीपत। भूमि की उर्वरा शक्ति और मूंग का रकबा बढ़ाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों को 75 से 80 प्रतिशत अनुदान पर करीब 40 हजार एकड़ भूमि में बिजाई के लिए ढैंचा का 4800 क्विंटल बीज वितरित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए किसानों को विभाग की वेबसाइट पर जाकर किसान को पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए थे। योजना के तहत जिले के किसानों ने भी उत्साह दिखाते हुए विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in पर अपना पंजीकरण करवाया है।
विभाग के अनुसार अगर किसान अनुदान पर बीज लेने के बाद बीज की बिजाई नहीं करेगा तो उससे अनुदान राशि वसूली जाएगी। यदि वह ऐसा नही करेगा तो वह मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत उसी भूमि पर कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ आगामी एक वर्ष तक प्राप्त करने से वंचित हो जाएगा। उल्लखनीय है कि भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद अत्याधिक कारगर सावित होती है। किसानों को खेती के परंपरागत तरीकों से फिर से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर के किसानों को 72 हजार क्विंटल ढैंचा के बीज वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जो छह लाख एकड़ भूमि को कवर करेगा। इसके लिए जिले में 40 हजार एकड़ भूमि के लिए 4800 क्विंटल बीज वितरित किया जाएगा।रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से कृषि भूमि के पोषक तत्व घटते जा रहे हैं। कृषि भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाने के लिए राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत यह शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत किसानों को ढेंचा के साथ मूंग बीज का वितरण भी किया जाएगा। किसानों को ढेंचा बीज पर 80 और मूंग बीज पर 75 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जाएगा।
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जिलेवार निर्धारित भूमि में बीज वितरण का लक्ष्य (क्विंटल में)
जिला लक्ष्य (क्विंटल)
अंबाला 2160
भिवानी 3000
चरखी दादरी 1080
फरीदाबाद 540
फतेहबाद 4920
गुरुग्राम 900
हिसार 3600
झज्जर 1440
जींद 5400
कैथल 3000
करनाल 4200
कुरुक्षेत्र 5400
नूह 1800
महेंद्रगढ़ 840
पलवल 3000
पंचकूला 720
पानीपत 4800
रेवाड़ी 4560
रोहतक 4800
सिरसा 6000
सोनीपत 6000
यमुनानगर 3840
कुल 72000
वर्जन-
भूमि की उर्वरा शक्ति के मद्देनजर भूमि स्वास्थ्य को सुधारने के लिए विभाग ने जिला पानीपत के किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर 40 हजार एकड़ क्षेत्र की बिजाई के लिए 4800 क्विंटल ढैंचा के बीज का वितरण किया जाएगा। किसानों को हरियाणा बीज विकास निगम के बिक्री केंद्रों के माध्यम से बीज वितरित किया जाएगा। एक किसान अधिकतम 120 किलोग्राम अथवा 10 एकड़ तक का बीज प्राप्त कर सकता है।
- डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पानीपत।