पानीपत। अक्षय तृतीया के दिन पांच शुभ संयोग बन रहे हैं। गजकेसरी योग, शश योग, मालव्य योग, धन योग,सुकर्मा योग जिनको बहुत अद्भुत फल देने वाला माना गया है। इस दौरान पूजा, शुभ कार्य और नई वस्तुएं खरीदने लाभ देने वाली होंगी। इस दिन गृह प्रवेश, शादी व सगाई जैसे काम कर सकते हैं। इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म उत्सव भी है। ऐसे में अगर इस शुभ तिथि के दिन कुछ शुभ संयोग भी बन जाएं तो इसे सोने पर सुहाग ही कहा जाएगा।
पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया वैशाख माह में मनाई जाती है। इस बार इस दिन शुक्रवार है और साथ ही सुकर्मा योग भी इस दिन रहेगा। सुकर्मा योग का आरंभ दोपहर 12:07 बजे होगा और अगले दिन लगभग 10 बजे तक बना रहेगा। इस योग में खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ इस दिन रोहिणी नक्षत्र सुबह 10:48 बजे तक रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी भौतिक सुखों के दाता शुक्र ग्रह है। इसलिए रोहिणी नक्षत्र में किसी भी तरह का कार्य शुरू करना शुभ फलदायक रह सकता है। पूरा दिन मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। इस नक्षत्र को भी ज्योतिष में शुभ माना गया है। इसके साथ ही तैतिल और गर करण का निर्माण भी इस दिन होगा। ऐसे में अक्षय तृतीया को बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है।
तृतीया पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा आराधना की जाती है। इस दिन पूजा का उत्तम समय सुबह 5:33 से दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा। खरीदारी के लिए पूरा दिन शुभ है। सोना-चांदी दोपहर 12:15 के बाद खरीदें। यह ज्यादा शुभ साबित हो सकता है। दोपहर के बाद सुकर्मा योग शुरू हो जाएगा। राहु काल में कोई खरीदारी न करें। यह समय 10:45 से 12:23 तक है। इस दिन कलश की स्थापना या खीर का भोग लगाना चाहिए।
रोडवेज ने भी तैयारी की
अक्षय तृतीया पर पानीपत से हरिद्वार रूट पर बसों को लेकर रोडवेज ने तैयारी कर दी है। रोडवेज इस रूट पर नियमित रूप से बस पहले भी चला रहा है। प्रात: सवा पांच बजे पहली बस हरिद्वार को जाती है। इसके बाद देर शाम तक बसों का संचालन रहता है। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि इस दिन बसों के संचालन पर विशेष नजर रखी जाएगी।