पानीपत। जीटी रोड पर फिर से अवैध कट बना लिए हैं। ऐसे में हादसे होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इस विषय को गंभीरता से लिया है। एनएचएआई को इनको बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं ऐसे लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा। इसके साथ शहर व जिले में हादसों की संभावना वाली सड़कों पर ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए हैं।
एनएचएआई पर कट खोलने का मामला वीरवार को जिला सड़क सुरक्षा की बैठक में उठा। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को हाईवे पर अवैध कटों को तुरंत बंद करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कट अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इसके साथ अवैध कट खोलने वाले ढाबा मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। इसके साथ अवैध कटों को बंद कराया जाएं। जहां जरूरत है स्पीड ब्रेकर बनवाएं और साइन बोर्ड लगवाए जाएं। इस मौके परन एसपी भूपेंद्र सिंह, एसडीएम पानीपत ब्रह्मप्रकाश, एसडीएम इसराना आशीष कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीटीओ नीरज जिंदल व सहायक सचिव आरटीए शम्मी शर्मा उपस्थित रहे।
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फुटओवर ब्रिज का प्रयोग नहीं हो पा रहा
जीटी रोड पर नांगल खेड़ी गांव के पास ग्रिल टूटा हुआ है। जिस कारण लोग फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वे नीचे से ही हाईवे को पार करते हैं। ऐसे में हादसा हो सकता है। ऐसे वहां ऊंचे स्तर की ग्रिल बनवाई जाए ताकि दुर्घटना न हों। उन्होंने पुलिस डीएसपी यातायात सुरेश सैनी के साथ एनएचएआई के अधिकारियों की टीम बनाकर नेशनल हाईवे का दौरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन विभाग को सड़काें के किनारे खड़े पेड़ों की छंटाई करने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि सडक़ हादसों को रोकने के लिए एक तरफ जहां पुलिस व अन्य प्रवर्तन एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, वही दूसरी तरफ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग पुलिस, आरटीए, एनएचएआई, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य विभाग मिलकर सड़क सुरक्षा को समन्वयता के साथ कार्य करें। बैठक में गत माह यातायात पुलिस व आरटीए के काटे चालान के बारे में विस्तार से जानकारी ली।