फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीवन में सेवा के बिना भक्ति अधूरी

विज्ञापन
पानीपत। श्री प्रेम मंदिर पानीपत में के 102वां वार्षिक महोत्सव में सत्संग करते हुए संत व मौजूद श्रद? - फोटो : Panipat
विज्ञापन
पानीपत। श्री प्रेम मंदिर पानीपत के 102वां वार्षिक प्रेम सम्मेलन पर वीरवार को तीन दिवसीय यज्ञोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में संतों ने सनातन धर्म के महत्व को बताया। कहा कि जीवन में सेवा के बिना भक्ति अधूरी होती है।
विज्ञापन

इससे पूर्व श्रीश्री 1008 मदन मोहन हरमिलाप मिशन हरिद्वार की अध्यक्षता और श्री प्रेम मंदिर पानीपत की परमाध्यक्षा श्रीश्री 108 कांता देवी महाराज के संयुक्त तत्वावधान में सम्मेलन का प्रारंभ हुआ। पहला सत्र में लगाए गए रक्तदान शिविर में 45 यूनिट रक्त एकत्र हुआ। इसके साथ सुंदरकांड के पाठ किया गया। इसके साथ श्री प्रेम मंदिर के बाल सेवादारों ने गुरुदेव प्रथम के जीवन वृतांत को रंगमंच पर प्रस्तुत किया। इसे देखकर संगत भावुक हो गई।
सायंकाल के सत्र में संतों ने कहा कि सनातन धर्म का अनुसरण जीवन जीने की कला का सबसे सरल और सुगम मार्ग है। यही श्री प्रेम मंदिर का भी लक्ष्य है। जीवन में सेवा के बिना भक्ति अधूरी है। सेवा किसी भी जीव की हो सकती है। सेवा के साथ-साथ सिमरन से मानव जन्म सार्थक हो सकता है। श्री प्रेम मंदिर का पंचशील सेवा, सिमरन, संयम, सत्संग व सादगी है। समाज के परमार्थ व कल्याण में भी किसी भी प्रकार के दायित्व को निभाने में मंदिर पीछे नहीं रहता। अनाथों की सेवा तथा स्त्री समाज के उत्थान में विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में बच्चों की शिक्षा आदि की सेवा चलती रहती है। प्रेम का मंदिर है, प्रेम का स्थान है, प्रेम से जो जीव आवे, उसका ही कल्याण है।
विज्ञापन

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना व समाज को सुंदर जीवन की कला को सिखाना है। इस आयोजन में दिल्ली, झज्जर, बहादुरगढ़, लुधियाना, कैथल, सोनीपत से आए हुए सेवकों ने भाग लिया।
दो दिनों के कार्यक्रम
शुक्रवार 11 फरवरी को सुबह 10.30 बजे ठाकुर जी का जन्मोत्सव एवं बधाई संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। वहीं शाम को 4 से 7 तक संकीर्तन कार्यक्रम होगा।
शनिवार 12 फरवरी को सुबह 8 बजे हवन का आयोजन किया जाएगा जिसमें समिति सदस्य एवं श्रद्धालु पूर्णाहुति देंगे। सुबह 9.30 बजे श्री रामचरितमानस पाठ विश्राम भोग का आयोजन होगा जबकि 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक संत महापुरुष प्रवचन करेंगे। सत्संग समारोह के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

पानीपत। रक्तदान शिविर में रक्तदान कर रहे रक्तदाता को बैच लगाते हुए।- फोटो : Panipat

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें