समालखा। चुलकाना गांव स्थित श्रीश्याम बाबा के भक्तों को बारिश और कीचड़ से गुजरते हुए प्राचीन मंदिर में बाबा के दर्शन किए। देवशयनी एकादशी होने से बारिश के बावजूद चुलकाना धाम पर भक्तों का सुबह से शाम तक आवागमन होता रहा।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही, जिससे श्रीश्याम बाबा के ऐतिहासिक मंदिर की तरफ आने वाले रास्तों पर जलभराव और कीचड़ से लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो रहा था। बावजूद इसके श्रीश्याम भक्तों की आस्था देखते बन रही थी। श्रीश्याम भक्त कीचड़ से होकर प्राचीन मंदिर पहुंच रहे थे।
चुलकाना गांव में जन स्वास्थ्य विभाग ने सीवर दबाए थे और पीडब्ल्यूडी को फिरनी की सड़क बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। पीडब्ल्यूडी ने सड़क को उखाड़ दिया, लेकिन सड़क निर्माण में खानापूर्ति कर छोड़ दी। इससे बारिश में सीवर के साथ की मिट्टी नीचे धंस गई। सड़क पर डाली गई मिट्टी से कीचड़ हो गया, जो भक्तों के लिए परेशानी का सबब बन गया। वहीं चुलकाना धाम में आने वाले तीन रास्ते हैं, जो बारिश के कारण बंद रहे। पट्टीकल्याणा से चुलकाना के लिए नैस्ले के पास रेलवे लाइन के नीचे बना अंडरपास और भोड़वाल माजरी से छदिया अंडरपास में बारिश का जलभराव होने के कारण बंद रहा। इससे चुलकाना धाम में आने वाले श्याम भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं चुलकाना धाम में उखाड़े गए रोड पर दिनभर जाम लगा रहा। जगह-जगह सड़क पर मिट्टी धंसने से गलियों में बरसात के कारण कीचड़ से बुरा हाल हो गया था। वाहन चालकों व पैदल यात्रा लेकर आने वाले श्रीश्याम भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छदिया निवासी श्याम भक्त सोनू शर्मा ने बताया कि एकादशी द्वादशी व प्रत्येक रविवार को पानीपत, सोनीपत, गोहाना, रोहतक, करनाल, जींद, कैथल और दिल्ली से श्रीश्याम बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। भक्तों और स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार को इन स्थानों से चुलकाना धाम के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू करनी चाहिए।