समालखा। श्री आदर्श रामा ड्रामाटिक क्लब की ओर से पंजाबी रामलीला ग्राउंड में आयोजित 15वें श्रीराम कथा महोत्सव में वीरवार को साध्वी प्रवीणा भारती ने प्रभु श्रीराम के वनवास और केवट मिलन का प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में डूब गए।
साध्वी प्रवीणा भारती ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, प्रेम और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। उन्होंने पिता के वचन का मान रखते हुए राजमहल के सुखों का त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उनका जीवन सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों और आदर्शों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति के लिए धन-दौलत या ऊंचे पद की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि निर्मल भाव और अटूट श्रद्धा जरूरी है। ब्यूरो