समालखा। छदिया गांव में गोशाला की सहायतार्थ आयोजित हरियाणवी सांग महोत्सव में ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा है। सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की रचनाओं पर आधारित सांग महोत्सव का मंचन उनके सुपौत्र विष्णु दत्त ने किया। सोमवार से शुरू हुआ यह सांग उत्सव शुक्रवार तक चलेगा, प्रतिदिन अलग-अलग सांग प्रस्तुत किए जाएंगे। ग्रामीणों ने गोशाला के लिए दिल खोलकर दान दिया। पहले दिन करीब पांच लाख रुपये का दान एकत्रित हुआ। दूसरे दिन यह राशि बढ़कर सात लाख रुपये तक पहुंच गई। इस प्रकार दो दिनों में ही करीब 12 लाख रुपये गोशाला के लिए दान आया है।
महोत्सव के दूसरे दिन भक्त पूरणमल सांग का मंचन किया गया। दर्शकों ने बड़ी श्रद्धा और भावुकता के साथ देखा। यह सांग पंजाब की प्रसिद्ध लोककथा पर आधारित है, इसमें सियालकोट के राजा सूलेभान के पुत्र पूरण की कथा दर्शाई गई है। कथा के अनुसार सौतेली मां के झूठे आरोपों के कारण पूरण को कठोर दंड देकर कुएं में फेंक दिया जाता है। बाद में गुरु गोरखनाथ उन्हें जीवनदान देकर अपना शिष्य बना लेते हैं और वे चौरंगीनाथ नाम से प्रसिद्ध योगी बन गए। यह कथा त्याग, भक्ति और क्षमा के संदेश को दर्शाती है। इस मौके पर पूर्व सरपंच सत्यनारायण, बलवान पहलवान चुलकाना, नकलीराम छौक्कर चुलकाना, सुरेंद्र वत्स, सतबीर वत्स, सुरेश वत्स, इंद्र दत्त नंबरदार, सूरजभान शर्मा, रमेश पंडित, प्रवीन वत्स, रमेश फौजी, मास्टर अमीर सिंह व सोनू शर्मा छदिया मौजूद रहे।