फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: देसी गाय के घी के लड्डू और जैविक मशरूम पर परदेसी लट्टू

विज्ञापन
विज्ञापन
समालखा। सुबह नाश्ते में दलिया और रात को खाने में दाल और रोटी का स्वाद अलग था। जाते समय देसी गाय के घी के लड्डू और जैविक खेती आधारित मशरूम को देखकर परदेशी लट्टू (मोहित) हो गए। देसी गाय के घी के लड्डू देखते ही बीच रास्ते और परिवार के लिए खरीदे बिना खुद को नहीं रोक पाए। इसी तरह मशरूम व दूसरे उत्पादों को परदेसी मेहमानों ने जमकर खरीदा।
विज्ञापन

पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक के अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत संगठन के दो दिवसीय स्वर्ण जयंती वर्ष समारोह का रविवार को समापन हो गया। केंद्र में तैयार खाद्य पदार्थों और देसी गाय के घी के लड्डू स्टॉल पर सजाए गए थे। यहां एक या दो नहीं देश के कोने-कोने से आए ग्राहक पंचायतों के प्रतिनिधि पहुंचे। दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर लोगों ने व्यवस्था व खानपान की खूब प्रशंसा की।
महाराष्ट्र से आए विलास जगदाले, बाडा साहेब कोकाडे, अतुल कुराडे ने बताया कि वे 30-32 साल से ग्राहक पंचायत में काम कर रहे हैं। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के 50 वर्ष पूरे होने पर पट्टीकल्याणा में स्वर्ण जयंती वर्ष समारोह में शामिल हुए। उन्हें यहां का खानपान व व्यवस्था अच्छी लगी। चंद्रपुर महाराष्ट्र की शारदा चुनारकर व नंदनी चुनारकर ने कहा कि पहले स्वर्ण जयंती समारोह दिल्ली में तय था। जी-20 सम्मेलन के चलते पट्टीकल्याणा में किया गया। वे दिल्ली से पट्टीकल्याणा के लिए चलीं तो पानीपत के मराठा युद्ध की याद ताजा हो गई, लेकिन समयाभाव के कारण युद्ध स्मारक न देख पाने का मलाल है। वे जल्द ही परिवार के साथ युद्ध स्मारक देखने पानीपत आएंगी। उन्होंने बताया कि यहां का खानपान सबसे हटकर है। गाय के घी के लड्डू देखकर वह खुद को रोक नहीं पाईं। विदर्भ से पहुंचे रामदास थोंबरे ने कहा कि ग्राहक जागरूकता के साथ वस्तु के मूल्य निर्धारण की नीति भी बनाई जानी चाहिए। इससे ग्राहक को वस्तु के वास्तविक मूल्य का पता चलेगा, जिससे उसके साथ किसी प्रकार की लूट नहीं होगी।
विज्ञापन


मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी वंदना सैनी ने एमआरपी नीति बनाने की मांग की। उन्होंने खाद्य पदार्थों की अनावश्यक पैकिंग पर भी रोक लगाने की बात कही, ताकि पैकिंग से वातावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। वंदना सैनी ने बताया कि रात्रि भोजन में दाल चपाती, खिचड़ी और सुबह नास्ते में दलिया खाकर आनंद आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें