पानीपत। यमुना एन्क्लेव के देशराज चुघ ने मरणोपरांत दो अंधेरी जिंदगियों को रोशनी दी। देशराज की अंतिम इच्छा को उनके बेटे बेटियों ने पुरा किया। जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक राममेहर ने जन सेवा दल के सहयोग से नेत्रदान किया। डॉ. ने बताया कि अस्पताल में निशुल्क आंखों के ऑपरेशन भी किए जाते हैं।
जन सेवा दल के सचिव चमन गुलाटी ने बताया कि जन मानस में जागरूकता की कमी है। सबसे बड़ी चुनौती होती है जब किसी के मरने पर परिवार में मातम पसरा होता है वहां शोकाकुल परिवार को नेत्रदान के लिए प्रेरित करना बड़ी चुनौती होती है। किसी भी आयु लिंग धर्म का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है। मृत्यु के बाद नेत्रदान को छह से आठ घंटे में ही निकाल सकते हैं। एक व्यक्ति का नेत्रदान दो नेत्रहीनों को रोशनी प्रदान करता है। नेत्रदान पूर्व संकल्प के बिना भी किया जा सकता है। मरणोपरांत अस्पताल की टीम घर पहुंचकर कॉर्निया लेती है। सोमवार को देशराज चुघ के नेत्रदान हुए उनकी अंतिम इच्छा को उनके बेटे व बेटियों ने जन सेवा दल के सहयोग से पूरा किया। इस अवसर पर किशन मनचंदा, कमल गुलाटी व यश बंगा उपस्थित रहे।