पानीपत। पानीपत में लगातार टीबी, शुगर , ह्दय रोग व बीपी का खतरा बढ़ रहा है। इस खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में विशेष शिविर लगाकर रोगियों को चिह्नित करने की प्लानिंग तैयार कर रहा है। अब पूरे जिले में डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर जांच शिविर लगाएंगे।
रोगियों को चिह्नित कर उन्हें इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल में रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य चार लाख पुरुष, तीन लाख महिलाओं व लगभग दो लाख बच्चों तक पहुंचने का है। इन शिविर की नोडल अधिकारी उप सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग को बनाया गया है।
पूरे जिले में 300 से अधिक शिविर लगेंगे। डॉक्टरों के अनुसार जिले में तीन लाख से अधिक लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं। हर चौथे व्यक्ति को ह्दय संबंधित परेशानी है। जिला नागरिक अस्पताल में ही पिछले नौ माह में 300 से अधिक ह्दय रोगी आ चुके हैं। कैंसर भी तेजी से बढ़ रहा है।
हर तीसरा व्यक्ति बीपी का मरीज है। प्रदूषण के कारण कैंसर के रोगी भी एकाएक बढ़े हैं। टीबी के बढ़ रहे मरीजों से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। जिले में हर साल टीबी के औसतन 4800 नए मरीज आते हैं। इस साल टीबी के रोगियों के मिलने की रफ्तार पहले से काफी तेज है। इन लगभग नौ माह में टीबी के लगभग चार हजार मरीज मिल चुके हैं। हर माह टीबी से नौ लोगों की मौत हो जाती है।
पानीपत के बड़ौली गांव स्थित एक निजी कैंसर मेडिकल कॉलेज में हर माह औसतन 50 लोगों की कीमो होती है। इतने बड़े स्तर पर बढ़ रही बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह विशेष शिविर लगाने की योजना बनाई है।डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जांच शिविर लगाए जाएंगे। इसमें सभी बीमारियों की जांच होगी। जांच के बाद मिलने वाले मरीजों का जिला नागरिक अस्पताल में इलाज होगा। बढ़ रही बीमारियों को देखते हुए यह शिविर लगेंगे।