पानीपत। विधानसभा चुनाव से पहले डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर बिगुल बजा रखा है। सरकार ने दो दिन पहले हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की मांगे मानकर हड़ताल खत्म कराई थी। अब डेंटल सर्जन भी सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। प्रदेश के 700 सरकारी डेंटल सर्जन ने 31 जुलाई तक मांगे न माने जाने पर हड़ताल पर उतरने का फैसला किया है।
इस संबंध में रविवार को आर्य कॉलेज में हरियाणा सिविल डेंटल सर्जन एसोसिएशन की प्रदेशस्तरीय बैठक हुई है। बैठक में एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रमेश पांचाल ने सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अब डेंटल सर्जन ओपीडी के अलावा कोई ओर काम नहीं करेंगे।
एसोसिएशन के पदाधिकारी अपनी हड़ताल को लेकर इससे पहले रोहतक, झज्जर, भिवानी, सोनीपत , नूंह, फरीदाबाद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, हिसार, फतेहाबाद और जींद में बैठक कर चुके हैं। बैठक में एचसीडीएस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रमेश पांचाल ने कहा कि उन्होंने पिछले 16 सालों से लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए गांधीवादी तरीके से आवाज उठाई है। मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन एक ही छत के नीचे एक जैसा काम करते हैं लेकिन उनका वेतनमान अलग-अलग है। इसके साथ ही उन्होंने एसीपी में भेदभाव किया गया है। मेडिकल ऑफिसर को क्लास वन व डेंटल सर्जन को क्लास द्वितीय अधिकारी माना जाता है। डेंटल सर्जन को पांच साल में 100 प्रतिशत वेतन, 11 साल में 25 प्रतिशत वेतन तथा 17 साल बाद तीसरी एसीपी में मात्र 20 प्रतिशत वेतन मिल रहा है। उन्हें डॉक्टर ही नहीं माना जाता। उन्हें लगता है कि बीडीएस की पढ़ाई एमबीबीएस के मुकाबले काफी सरल है।
हरियाणा के आसपास के सभी राज्यों जैसे दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान आदि में मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन एक ही वेतनमान पर काम कर रहे हैं लेकिन हरियाणा में ऐसा नहीं है। डेंटल सर्जन के बाद प्रमोशन में सीनियर डेंटल सर्जन और डिप्टी सिविल सर्जन का ही पद है और उसके बाद डायरेक्टर, जबकि लंबे समय से मांग चल रही है कि उनके लिए डिप्टी डायरेक्टर के भी दो पद सृजित किए जाएं।
सरकार को 31 जुलाई तक का समय दिया गया है। इसलिए सरकार को उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो पहले वे काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे। इसके बाद दो घंटे की हड़ताल करेंगे और फिर भूख हड़ताल करेंगे। अगर तब भी मांग पूरी नहीं हुई तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में डॉ. दीपक छिक्कारा, डॉ. कपिल शर्मा, डॉ. अमित पोरिया, डॉ. ललित वर्मा, डॉ. मनीष पासी, डॉ. दिव्या, डॉ. विशाल छाबड़ा, डॉ. गिरिश अरोड़ा, डॉ. विकास धवन, डॉ. अभय व डॉ. निकिता मौजूद रही।
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डेंटल सर्जन पर कई सरकारी कार्यक्रमों की जिम्मेदारी
पानीपत में डेंटल सर्जन पर अहम जिम्मेदारी है। पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया डेंटल सर्जन हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा डेंटल सर्जन हैं। उनके पास कुष्ठ रोग, एनिमिया, स्कूल हेल्थ व टीबी जैसे अहम कार्यक्रम हैं। डेंटल सर्जन डॉ. विशाल छाबड़ा सेक्टर 11-12 स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी हैं। वह जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के नोडल अधिकारी हैं। डॉ. मनीष पासी चिरायु योजना के नोडल अधिकारी हैं। अगर वह हड़ताल पर गए तो यह सारे काम ठप होंगे।