पानीपत। एक सप्ताह के बाद सिविल अस्पताल में सोमवार को डेंगू की दो किटों में 184 सैंपलों की जांच हुई। इनमें पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। अब भी तीन किटों के सैंपल जांच के लिए लंबित हैं। मंगलवार को इन्हें जांच के लिए लगाया जाएगा। किट न होने के कारण मरीज एक सप्ताह से अपनी रिपोर्ट के इंतजार में थे। सोमवार को गोहाना मोड़ स्थित बिजली घर में एक युवक, सुखदेव नगर, गांव कुटानी, गांव रेरकलां व गांव भैंसवाल में डेंगू के पांच केस मिले हैं। यहां इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इन क्षेत्रों में एंटी लारवा एक्टिविटी चलाई गई। बुखार से पीड़ित लोगों की स्लाइड तैयार की जा रही है।
फॉगिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग को 54 और 109.50 लीटर दो अलग-अलग प्रकार की फॉगिंग दवा मिली थी। अब तक नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग ने अपने क्षेत्रों में फॉगिंग के लिए दवा नहीं ली है। इसलिए शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में इस साल फॉगिंग नहीं की जा सकी है। स्वास्थ्य विभाग दोनों विभागों से कई बार फॉगिंग कराने की अपील भी कर चुका है। जिले में अब तक 3570 लोगों के डेंगू संदिग्ध के मामले में सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें कुल 184 लोग डेंगू से पीड़ित मिले हैं।
इस बार दोगुना तेजी से मिले केस
पिछले साल अगस्त से जनवरी तक डेंगू के 287 केस मिले थे। सात नंबवर तक जिले में 120 केस मिले थे। इस साल डेंगू लगभग दोगुना तेजी से फैला है। अब तक डेंगू के 184 केस मिल चुके हैं। डॉक्टरों के अनुसार डेंगू के प्रकोप का मुख्य कारण मौसम है। इस बार सर्दियां काफी देरी से शुरू हो रही है। जब तक मौसम में गिरावट नहीं आएगी डेंगू का खतरा बरकार रहेगा।
वर्ष : केस
2017 : 469
2018 : 133
2019 : 04
2020 : 272
2021 : 287
2022 : 184
दो किटों के सैंपल की जांच में पांच पॉजिटिव मिले
किटों के अभाव में एक सप्ताह तक सैंपल की जांच रुकी थी। सोमवार को दो किटों के सैंपल की जांच में पांच केस मिले हैं। जहां केस मिले हैं, वहां एंटी लारवा एक्टिविटी चलाई गई है। अब जिले में डेंगू के 184 हो चुके हैं। नगर निगम और पंचायती राज विभाग ने उनसे दवा नहीं मांगी है।
- जसमेर सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर स्वास्थ्य विभाग