पानीपत। धान की आवक का सीजन शुरू होने से पहले नए नियमों के खिलाफ आढ़तियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को जिले की सभी अनाज मंडियों के आढ़तियों ने हड़ताल की। अनाज मंडी में सुबह 10 बजे से ही आढ़ती शेड के नीचे एकजुट हो गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आगामी रणनीति के तहत आढ़ती मंगलवार को सुबह जिले के विधायकों, सांसद और अन्य नेताओं के घर व कार्यालय का घेराव करेंगे। उनके घर के बाहर प्रदर्शन करने के बाद उन्हें मांगपत्र सौंपेंगे।
प्रधान धर्मवीर मलिक की अध्यक्षता में सोमवार को पानीपत अनाज मंडी पूरी तरह बंद रही। आढ़तियों का कहना है कि सरकार हर बार सीजन शुरू होने से पहले ही हम पर अनेकों प्रकार के नियम ठोक देती है। जो न तो किसान के हित में होते हैं और न ही व्यापारियों के। इसलिए सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए और सोई हुई सरकार को नींद से जगाने के लिए आज आढ़ती, मुनीम और मजदूर इकट्ठे होकर हड़ताल कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त करते रहेंगे। इस मौके पर ईश्वर कादियान, दुलीचंद गर्ग, निर्मल कादियान, मनोज मलिक, अशोक लठवाल, हवा सिंह कादियान, सुखबीर सिंह, रणवीर डाहर, कृष्ण शर्मा, मास्टर बलवीर सिंह, सुमेर सिंह, विनोद शेरावत, संदीप दहिया, विनोद छौक्कर, मोंटी, रणबीर बिंझौल, बनारसी आदि आढ़ती मौजूद रहे।
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यह है आगामी रणनीति :
- 20 सितंबर को राज्यसभा सांसद और विधायक को शांतिपूर्वक मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।
- 21 सितंबर को करनाल में हरियाणा की मंडियों के आढ़ती एकजुट होकर सीएम के आवास का घेराव करेंगे।
- मांग न मानने तक जिले के आढ़ती, मजदूर और मुनीम बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे।
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आढ़तियों का है कहना:
हर साल सरकार धान और गेहूं की आवक से पहले ही आढ़तियों पर नए नियम थोप देेती है। पिछली बार भी ऑनलाइन सिस्टम था। उससे कोई दिक्कत नहीं है। पर महीनों बाद तक किसानों का भुगतान नहीं आता है। सरकार उनकी आढ़त भी मारने का प्रयास कर रही है।
- धर्मवीर मलिक, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन
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जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानती, बेमियादी धरना होता रहेगा। इसमें हमारे साथ मजदूर और मुनीम भी हैं। सरकार को कम से कम किसानों के बारे में तो सोचना चाहिए। हर साल नए नियम से हम आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- श्रवण कुमार, आढ़ती