पानीपत। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर पानीपत डिपो पर प्रदर्शन किया। यूनियन ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और रोडवेज बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग प्रमुखता से रखी। यूनियन ने मांगों को लागू न करने पर दो सितंबर को रोडवेज का चक्का जाम करने की चेतावनी दी।
पानीपत डिपो में धरने की अध्यक्षता डिपो प्रधान बलवान सिंह बुरा ने की। मंच संचालन डिपो सचिव चरण सिंह ने किया। कर्मचारी सुबह दस से दोपहर दो बजे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान निर्णय लिया कि छह अगस्त को पानीपत डिपो परिसर में हरियाणा रोडवेज के तमाम कर्मचारी इकट्ठे होकर सरकार, परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद नौ अगस्त को करनाल में महारैली करेंगे। इसके बाद भी सरकार ने मांगों को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो वे चक्का जाम करेंगे। यूनियन पदाधिकारियों ने सरकार से मांग कि 8200 कच्चे कर्मचारियों को डेट ऑफ ज्वाइनिंग से पक्का किया जाए, कर्मशाला में भर्ती की जाए, रोडवेज बेड़े में दस हजार नई बसें शामिल की जाएं।
डिपो प्रधान बलवान सिंह और उपप्रधान अनिल कुंडू ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार के साथ कई बार समझौते हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने किसी भी मांग का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान नरेश शर्मा और रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश उप-महासचिव रणबीर शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार तमाम सरकारी विभागों का निजीकरण और आउट सोर्सिंग से विभागों में भर्ती करने जा रही है। सरकार इसे तत्काल बंद करे।
इस मौके पर तेजबीर मान, कालाराम राणा, यशपाल देशवाल, महाबीर सहरावत, बलविंद्र, राकेश जागलान, बालकराम, रोहताश, कृष्ण, बलजीत, अशोक, कमल शर्मा, जोगिंद्र मलिक, सतीश, जगरूप, धर्मपाल घनघस, राजेश सैनी, चरण सिंह, सत्यवान लाठर, रामपत आदि मौजूद रहे।
सातवां वेतन आयोग लागू करें : विरेंद्र
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के राज्य महासचिव विरेंद्र सिंह धनखड़ ने कहा कि सरकार छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर करें और एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग को लागू करें।