पानीपत। औद्योगिक नगरी में सीईटीपी और जेडएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) बड़ी जरूरत है। उद्यमियों ने एक बार फिर इसकी मांग उठाई है। पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ में मिलकर इनके साथ तीन मुद्दों को रखा है। मुख्यमंत्री ने उनको इन पर जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया है। इसके साथ उद्यमियों ने बिजली के नए टैरिफ पर मंथन करने की मांग की।
सीएम ने इस पर भी विचार करने का भरोसा दिया है। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा की अगुवाई में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह से चंडीगढ़ में मिला।
प्रतिनिधिमंडल में उद्यमी भरत बंगा, राजेश जैन, माणिक गुप्ता व ऋषभ नारंग शामिल रहे। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने उनकी बैठक की मध्यस्थता की। प्रधान नीतिन अरोड़ा ने बताया कि सेक्टर-29-टू में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का सीईटीपी है। इसका अत्यधिक राशि के अपशिष्ट बिल हैं। अपशिष्ट बिलों के लिए पुनर्विचार किया जा सकता है। इससे उद्यमियों को राहत मिलेगी।
इससे उद्यमियों को भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। सेक्टर-29-टू में अधिकतर डाई हाउस में हैं। इनमें पानी की खपत अधिक होती है। उद्यमी सीईटीपी के पानी को पुन: प्रयोग की मांग लंबे समय से उठा रहे हैं।