माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। वैदिक परिवार पानीपत की ओर से मंगलवार को आर्य कॉलेज के सभागार में छात्राओं के लिए संस्कारशाला एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के महामंत्री विनय आर्य मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि बेटियां अबला नहीं, बल्कि सबला बनकर अन्याय का साहस के साथ सामना करें और हर क्षेत्र में आगे बढ़ें।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संस्कार, राष्ट्रभाव, आत्मविश्वास, नारी सम्मान और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इसमें आर्य कॉलेज, आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल हुडा और डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया।
मुख्य वक्ता आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के महामंत्री विनय आर्य ने ऐतिहासिक संदर्भों और सोमनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति और समृद्धि का प्रमुख केंद्र रहा है। इसी कारण इसे विश्व गुरु और सोने की चिड़िया कहा जाता था। रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए उन्होंने छात्राओं से कर्तव्यनिष्ठ बनने का आह्वान किया।
हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सुमन चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं सेना, विज्ञान, खेल और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता सिद्ध कर रही हैं। बेटियों को स्वयं को किसी से कम नहीं समझना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
मुख्यातिथि मेयर कोमल सैनी ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि एक लड़की की सबसे अच्छी मित्र उसकी मां हो सकती है। उन्होंने छात्राओं को परिवार से जुड़ाव बनाए रखने और मोबाइल फोन के दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने संस्कारशाला को समय की आवश्यकता बताते हुए किताबी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों पर बल दिया। मंच संचालन मोनिका आर्य ने किया। डॉ. राजबीर आर्य ने सबका आभार जताया।
इस अवसर पर प्रांत गोरक्षा प्रमुख महेंद्र कंसल, अरुण आर्य, वैदिक परिवार के अध्यक्ष डॉ. पवन बंसल, प्रधानाचार्या सुमिता अरोड़ा, अनुराधा सिंह, सचिव डॉ. राजबीर आर्य, सविता आर्य, सिवाह सरपंच रणदीप आर्य व ईश कुमार राणा, राजीव सचदेवा, सतीश सैनी, अशोक अरोड़ा, आशीष दूहन, दलवीर आर्य मौजूद रहे।