पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में एक बार फिर बदलाव आ गया। वीरवार तड़के करीब दो घंटे रुक-रुककर औसतन 2.4 एमएम बारिश दर्ज की। सबसे अधिक पानीपत, इसराना व मतलौडा में तीन-तीन एमएम बारिश दर्ज की।
बेमौसमी बारिश और करीब 16 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली। मौसम विशेषज्ञों ने शुक्रवार को दिनभर बारिश की संभावना जताई है। बारिश और तेज हवा के चलते गेहूं की करीब 85 हजार और सरसों की करीब दस हजार हेक्टेयर फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वीरवार तड़के मौसम में एक साथ बदलाव आया। सुबह करीब छह बजे हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इसके कुछ नौ बजे तक रुक-रुक बारिश चलती रही। मौसम विशेषज्ञों ने करीब 2.4 एमएम बारिश दर्ज की।
इसके साथ करीब 16 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। इसके बाद दिनभर आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया। वीरवार को अधिकतम तापमान में बुधवार की अपेक्षा करीब दो एमएम कम दर्ज किया। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है। शुक्रवार को पूरा दिन बारिश होने की संभावना है।
किसानों की बढ़ी चिंता ः मौसम में बदलाव के चलते गेहूं और सरसों उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में करीब 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। गेहूं की अधिकतर फसल में बालियां आ रही हैं और दाना बन रहा है। बारिश व तेज हवा के चलते फसल गिरने का खतरा बढ़ गया है।