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Panipat News: पर्यावरण को नुकसान, जेबीएम पर लगाया लाखों का जुर्माना

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पानीपत। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने महराणा गांव के पास खुले में कूड़ा कचरा डाल पर्यावरण और भूजल का नुकसान पहुंचाने पर जेबीएम कंपनी पर 11.22 लाख रुपये हर्जाना लगाया है।
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जेबीएम कंपनी के पास पानीपत में कूड़ा कचरा उठाने का ठेका है। कंपनी ने महराणा गांव के अपनी डंपिंग साइट बनाई थी। यहां कंपनी ने खुले में कचरा डाला।
कचरे को न तो ढका गया और डंपिंग यार्ड की बाउंड्री बनाई थी। इसके खिलाफ आशीष नाम के युवक ने एनजीटी में अपनी याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद जेबीएम कंपनी को दोषी माना गया। नगर निगम को भी कूड़े कचरे का निस्तारण न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 
आशीष नाम ने युवक ने एनजीटी में दी अपनी दलील में कहा था कि महराणा गांव के पास नगर निगम व जेबीएम कंपनी ने डंपिंग यार्ड बनाया है। यह यहां कचरा डालकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। एनजीटी ने मामले की सुनवाई करते हुए 27 अगस्त को उपायुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया और डंपिंग यार्ड का निरीक्षण करने के लिए उपायुक्त, एसडीएम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए। सात अक्तूबर को डीसी के नेतृत्व में टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान यहा 300 मीट्रिक टन कचरा खुले में पड़ा मिला। इसको ढका नहीं गया था। यह गीला और सूखा दोनों प्रकार का कचरा था। यह खुले में पड़ा था।
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इससे गंदा पानी निकलता मिला। जो भूजल के लिए नुकसानदायक है। 10 अक्तूबर को कमेटी ने जेबीएम कंपनी को इस पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अब एनजीटी ने इस पर जेबीएम कंपनी पर 11.22 लाख रुपये हर्जाना तय करते हुए नगर निगम से भी इस संबंध में जवाब मांगा है।
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