फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंडम बसों के स्क्रैप से केबिन, फाटक और बोर्ड बनाकर की अनूठी मिसाल पेश

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा रोडवेज के पानीपत डिपो की कंडम बसें नीलामी तो नहीं हो सकी, लेकिन रोडवेज कर्मचारियों ने इनके स्क्रैप से एक अनूठी मिसाल जरूर पेश कर दी है। जो रिसाइकिल, सौंदर्यीकरण के साथ सुरक्षा के लिहाज से भी लाजवाब साबित हुई है। इसमें कंडम बसों के स्क्रैप से एक बस की आकृति जैसा केबिन, फाटक और बोर्ड बनाया गया है। पानीपत रोडवेज ने इस रोल मॉडल के साथ प्रदेश भर में अपनी पहचान बना दी है। वर्कशॉप मैनेजर विकास नरवाल के इस आइडिया के रोडवेज प्रबंधन समेत आगंतुकों व यात्रियों ने भी काफी सराहना की है।
विज्ञापन

बता दें कि पानीपत डिपो का यह रोल मॉडल प्रदेश का पहला मॉडल है, जहां स्क्रैप से इस प्रकार की आकृतियां बनाई जा रही हैं। इस मॉडल में कंडम बसों के स्क्रैप से रोडवेज कर्मचारियों ने वर्कशॉप के गेट पर एक केबिन तैयार कर दिया है। इसके साथ एक फाटक और इसके ऊपर एक बोर्ड का भी निर्माण किया गया है। इसी डिजाइनिंग व पेंट बिल्कुल रोडवेज बस जैसा किया है। इसमें बैठने के लिए सीट भी हैं। वहीं इसमें रोडवेज बसों की खिड़कियों को इस्तेमाल किया है। इसके अंदर सीटों के साथ कूलर व पंखे की व्यवस्था भी की गई है। इसे बनाने में करीब 10 दिन लगे। अब यह पानीपत डिपो की मिसाल बन चुका है। इसमें रोडवेज कर्मचारियों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। विशेष तौर पर इसमें गेट कीपरों के बैठने के लिए बनाया गया है।
सुरक्षा सौंदर्यीकरण व रिसाइकिलिंग का नमूना
वर्कशॉप मैनेजर विकास नरवाल ने बताया कि वर्कशॉप के गेट पर कोई भी फाटक या गेटकीपर के लिए बैठने की जगह नहीं थी। कोई भी बस, बाइक या दूसरे डिपो की बसें व लोग सीधे अंदर-बाहर जाते थे। अब यहां इस स्क्रैप से फाटक बनाई गई है, जिससे यहां सभी वाहनों को चेकिंग के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। वहीं गेटकीपर के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए स्क्रैप से गेटकीपर के लिए एक केबिन बना दिया गया है। यहां कूलर पंखे व सीट का इंतजाम भी है। वहीं वर्कशॉप के लिए एक बोर्ड का भी निर्माण इसी स्क्रैप से किया है।
विज्ञापन

भविष्य में बनाए जा सकते हैं और भी मॉडल-
विकास बताते हैं कि इस मॉडल से जहां सुरक्षा और सौंदर्यीकरण बढ़ा है, वहीं रिसाईकिल वेस्ट को उपयोग में लाया गया है। ये मॉडल अधिकारियों व लोगों को भी अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। भविष्य में ऐसेेेे और भी मॉडल बनाए जा सकते हैं। जिनमें रोडवेज कर्मचारियों के अलावा यात्रियों के लिए भी बैठने की सुविधा दी जा सके। ये रोडवेज कर्मचारियों के सहयोग और उनके एक आइडिए का कमाल है।
वर्जन-
स्क्रैप से आया आइडिया-
वर्कशॉप में गेटकीपर के लिए बैठने की जगह नहीं थी, वहीं फाटक और बोर्ड की आवश्यकता भी थी। यहां पड़े बसों के कंडम सामान से इस प्रकार का मॉडल बनाने का आइडिया दिमाग में आया। कर्मचारियों के सहयोग से इसे तैयार किया गया। जो सुरक्षा व सहुलियत के हिसाब से बेहतरीन बना। अब कोई भी आगंतुक या अन्य डिपो की बस या कर्मचारी सीधे बिना चेकिंग के अंदर नहीं जा पाएगा। भविष्य में स्क्रैप से ऐसे और भी मॉडल बनाए जा सकते हैं।
विज्ञापन

विकास नरवाल, वर्कशॉप मैनेजर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें