पानीपत। अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील पानीपत का प्रथम सम्मेलन गीता कॉलोनी स्थित शिव वर्मा स्मारक भवन में वीरवार को किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक ने किया। तहसील सम्मेलन में सर्वसम्मति से नौ सदस्य कमेटी का चुनाव किया गया। प्रधान रिसालू गांव के दलवीर मलिक नंबरदार, सचिव एसए खान, कोषाध्यक्ष उग्राखेड़ी गांव के रोहतास फौजी, उप प्रधान संत नगर पानीपत से मास्टर ईश्वर सिंह, सह सचिव राममेहर सिंह कुंडू को चुना गया।
डॉ. सुरेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते देश का किसान आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। प्राकृतिक आपदा बाढ़ और लगातार बारिश के चलते नुकसान झेलना पड़ा है। पंजाब में जान-माल का बाढ़ से और हरियाणा में बहुमत गांव लगातार बारिश और यमुना से लगते क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार ने पंजाब और हिमाचल बाढ़ से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की घोषणा की है। यह घोषणा नुकसान को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। हरियाणा के किसानों के लिए अभी तक किसानों की फसल बर्बाद जो हुई है उनका सर्वे भी नहीं हुआ है और मुआवजे की कोई घोषणा भी सरकार द्वारा अभी तक नहीं की गई है। किसान सभा का यह सम्मेलन मांग करता है कि सरकार किसान विरोधी नीतियों को वापस लेते हुए किसान हित में काम करें और तुरंत बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का सर्वे करे और किसानों को मुआवजा दिया जाए। जिला सचिव राजपाल गाहल्याण ने कहा कि किसान सभा का जिला सम्मेलन 18 सितंबर को पानीपत में किया जाएगा। इसमें जिला के किसानों की स्थानीय समस्याओं के लिए आगामी आंदोलन की योजना बनाई जाएगी।