पानीपत की देशराज कॉलोनी में पांच अक्तूबर की रात डेयरी संचालक दिनेश की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इससे गुस्साए परिजन शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा होकर लघु सचिवालय पहुंचे और धरना दे दिया।
परिजनों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया और नारेबाजी भी की। डीएसपी मुख्यालय धर्मवीर खर्ब परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। डीएसपी ने कहा कि वह अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुके हैं, जिनसे सीआईए में रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है।
मृतक दिनेश के भाई जोगिंदर उर्फ मोनू ने कहा पुलिस ने खानापूर्ति के लिए महज एक आरोपी साधु को पकड़ा है। आरोप है कि पुलिस उसे भी हवालात में दूध पिला रही है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस ने साधु, प्रवीण और कुणाल को पकड़ रखा है, दूध पिलाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह खुद इसकी जांच कराएंगे।
जोगिंदर ने कहा कि आरोपी संदीप उर्फ टिंडा उसके भाई नरेश को फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहा है जिस मामले में भी वह तहसील कैंप थाना प्रभारी से मिलकर शिकायत दे चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसलिए वह इकट्ठा होकर शुक्रवार को एसपी से मिलने पहुंचे है। वह अपनी जांच सीआईए से कराना चाहते हैं, जिस पर डीएसपी ने उन्हें सीआईए-3 से जांच कराने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन एसपी से मिलने की जिद पर अड़े हुए हैं। वह अब भी लघु सचिवालय में धरने पर बैठे हुए हैं।
यह था मामला
देशराज कॉलोनी निवासी जोगेंद्र ने बताया था कि कॉलोनी में उनकी भैंसों की डेयरी है। एक साल पहले प्रवीन के साथ उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, जिस रंजिश के चलते बुधवार पांच अक्टूबर की रात को प्रवीन, चिंटू, सुनील, राकेश, मिंटू, साधु, भोलू, सोनू, टिंकू संदीप व पांच अन्य व्यक्ति मिलकर उनके घर में घुस गए और घर में सो रहे पिता सुखबीर के साथ मारपीट कर फरार हो गए थे।
इसके बाद वह अपने भाई दिनेश और मोनू पंडित के साथ आरोपियों के घर उलाहना देने जा रहे थे। आरोपियों की गली में पहुंचते ही आरोपी प्रवीण, साधु, संदीप व इनके घर की महिलाओं ने छत से उन पर पथराव कर दिया। वह बचाव कर वापस अपने घर की तरफ जाने लगे तो प्रवीण उर्फ बारू ने अपने हथियार डोगा और साधु ने देसी कट्टे से फोन पर कई फायर किए। एक गोली उसके भाई दिनेश की छाती में लगी। वह भाई को सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।