कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा है। इसके चलते वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लाई गई, लेकिन लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सिविल अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर पर हालात नहीं सुधर रहे हैं, यहां पर स्लॉट की संख्या से चार गुना भीड़ पहुंच रही है। ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन के चलते रोज हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और हालात बेकाबू हो रहे हैं। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी सिविल अस्पताल के सीटी स्कैन वार्ड में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर में हजारों की संख्या में भीड़ पहुंच गई। नतीजा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए भीड़ को संभालना चुनौती बनता जा रहा है। खतरे की बात है, इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। जहां स्वास्थ्य कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों का ध्यान कोरोना वैक्सीनेशन पर होना चाहिए, वे भीड़ संभालने मेें ही लगे रहते हैं।
शनिवार को 3777 लोगों को लगाई गई वैक्सीन
सिविल अस्पताल में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 1942 लोगों को पहली और 112 को दूसरी डोज दी गई। इसके साथ ही 45 वर्ष से अधिक उम्र के 278 लोगों को पहली और 1444 को दूसरी डोज दी गई। शनिवार को कुल 18 कैंप में 3777 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
लोग अपनी सहूलियत के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुक कराकर ही वैक्सीनेशन के लिए आएं। जिससे उन्हें भीड़ बढ़ने की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। जो लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में सक्षम नहीं है, सिर्फ वे ही ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए पहुंचे।
- डॉ. मनीष पासी, वैक्सीनेशन इंचार्ज
एक और पॉजिटिव केस आए, नौ केस एक्टिव
जिले में शनिवार को एक और केस कोरोना पॉजिटिव आया। साथ ही एक्टिव केसों की संख्या नौ हो गई है। इसके साथ ही 1026 लोगों के सैंपल लेकर जांच कें लिए भेजे गए। अबतक 344404 सैंपलों की जांच की जा चुकी है।