शहरी स्थानीय निकाय के एनडीसी पोर्टल पर नगर निगम का 11 जून के बाद का डाटा अपडेट नहीं हो पाया है। जिससे इस समयावधि में जिन लोगों ने अपने डेवलपमेंट चार्ज भी दिए हैं उनका भी टैक्स पोर्टल पर दोबारा दिखाई दे रहा है। इससे परेशान लोगों की तहसील कार्यालय में रजिस्ट्रियां बीच में ही रुक गई हैं। दोबारा टैक्स भुगतान करने से परेशान लोग इसे ठीक करवाने के लिए निगम में धक्के खा रहे हैं। अब अपनी गलती को छुपाने और लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए निगम ने एक और प्रयास किया है। निगम अधिकारियों ने नगर निगम के एमई विरेंद्र मलिक और टैक्स ब्रांच के क्लर्क को एक जगह बैठा दिया है, जिससे डेवलपमेंट चार्ज भरने के बाद जिनका टैक्स दोबारा लंबित दिखा रहा उनकी समस्याओं का निवारण किया जा सके। वहीं लोगों को कभी एमई और क्लर्क के कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये अधिकारी संबंधित शिकायत का निगम से रिकार्ड भी मैच करेंगे और जमा करवाए गए टैक्स की रसीद भी वेरिफाई करेंगे। इसके बाद सही पाए जाने पर इसे यूएलबी को भेजकर डाटा अपडेट करवाया जाएगा।
बता दें कि एनडीसी पोर्टल पर दोबारा डेवलमेंट चार्ज दिखाने की खबर को अमर उजाला ने अपने 14 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद निगम अधिकारियों ने निगम इंजीनियरिंग ब्रांच के एमई और टैक्स ब्रांच के क्लर्क को इन शिकायतों का निवारण करने की जिम्मेदारी लगाई है। निगम के उप आयुक्त का कहना है कि आने वाले शिकायतों व रसीदों को तुरंत प्रभाव से निपटारा किया जा रहा है।
शिकायत दें तुंरत करेंगे समाधान : डीएमसी
इस संबंध में निगम के एमई और टैक्स क्लर्क की ड्यूटी एक जगह पर लगाई गई है। एनडीसी भरने के बावजूद दोबारा दिखाने वाली समस्या का तुरंत प्रभाव से अधिकारी समाधान करेंगे। लोगों को किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।