जल्द अमीर बनने के चक्कर में चार दोस्तों ने बाइक चोरी शुरू कर दी। आरोपी बैंक, अस्पताल, पार्क या घर के बाहर खड़ी बाइकों को निशाना बनाते थे। दो युवक रेकी करते, तीसरा युवक बाइक चोरी कर लेता, वहीं चौथा आरोपी चोरी की हुई बाइक के लिए ग्राहक ढूंढकर बेच देता था। सीआईए-2 ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी की गईं 13 बाइक बरामद की और उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
सीआईए-2 प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि एएसआई जवाहर सिंह के नेतृत्व में टीम गश्त के दौरान बुधवार शाम थाना किला क्षेत्र के अंतर्गत मौजूद थी। गुप्त सूचना मिली कि संदिग्ध किस्म के तीन युवक एक सप्लेंडर बाइक पर सवार होकर हरिसिंह चौक के पास किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। टीम ने दबिश देकर बाइक सवार तीनों युवकों को काबू कर पूछताछ की। गीता कॉलोनी निवासी दीपक, हरि सिंह कॉलोनी निवासी सुमित, सैनी कॉलोनी निवासी भोला को पकड़कर बाइक के कागजात मांगे, लेकिन वे पेश नहीं कर सके। आरोपियों ने कबूल किया कि बाइक अपने साथी अमन उर्फ विक्की निवासी नेमखेड़ी, मुजफरनगर यूपी हाल विद्यानंद कॉलोनी के साथ मिलकर गत 15 मई को शिव चौक से चोरी की थी। आरोपी अमन को विद्यानंद कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया।
पानीपत से 12 और एक बाइक घरौंडा से चोरी की
सीआईए-2 प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि चारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए चारों ने एक साथ मिलकर जल्द अमीर बनने के चक्कर में चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पानीपत के अलग अलग क्षेत्र से कुल 12 बाइक चोरी की और एक बाइक करनाल के घरौंडा से चोरी की। आरोपियों के कब्जे से सभी बाइक बरामद कर ली गईं हैं।