मार्केट कमेटी की लापरवाही से इस बार भी अनाज मंडी में छह लाख से ज्यादा गेहूं व सरसों के कट्टे भीग गए। जिस कारण इस बार भी सैकड़ों क्विंटल गेहूं सड़ने का भय सताने लगा है। मौसम विभाग द्वारा पहले ही बारिश होने का अलर्ट प्रदेश की हर मंडियों को दे दिया गया था। जिसके बाद भी जिले की किसी भी मंडी में खुले में पड़े गेहूं के कट्टों को ढकने का काम नहीं किया गया। मार्केट कमेटी के अधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा फसल बेचने आए किसानों को तिरपाल उपलब्ध करा दी गई थी। आढ़तियों को भी अपनी कट्टे ढकने के लिए बोल दिया था। बारिश होने पर अफरा तफरी में अनाज मंडी में मजदूरों ने लगभग 2 से 3 हजार कट्टे को शेड के नीचे रखने का काम किया।
कृषि विशेषज्ञ बलदेश सिंह ने बताया कि तेज बारिश से खड़ी फसल में भी नुकसान होगा। तेज बारिश होने के कारण खेत में पकी फसल की कटाई नहीं हो पाएगी। वहीं फसल के दाने भी गिरने लगेंगे। जिससे खेत अनुसार फसल में भी भारी गिरावट आ सकती है। अनाज मंडी में बारिश होने के कारण कट्टोें व बोरियों में भरा गेहूं भी सड़ जाएगा। पहले ही सरकार से बोरियों को ढकने के लिए तिरपाल जैसी व्यवस्था की मांग की थी।
बारिश को लेकर अनाज मंडी में यह रहीं खामियां
अनाज मंडी में बारिश को ध्यान में रखते हुए नहीं थी भरपूर मात्रा में शेड की व्यवस्था।
जिले की किसी भी मंडी में फसल को ढकने के लिए मार्केट कमेटी ने नहीं की थी त्रिपाल की व्यवस्था।
सही समय पर एजेंसियों द्वारा उठान न होने के कारण भीगे लाखों कट्टे।
अनाज मंडी में फसल बेचने आए किसानों की फसल को ढकने के लिए मार्केट कमेटी द्वारा तिरपाल उपलब्ध करा दिया गया था। वहीं बारिश आने पर आढ़तियों को भी बोरियों को त्रिपाल से ढकने के लिए बोल दिया था।
नरेश मान, सचिव मार्केट कमेटी