गांवों में गेहूं कटाई का कार्य चल रहा है, जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। वैक्सीनेटर्स की मानें तो लोग खेतों में व्यस्त हैं, मंडियों में गए हैं, इसलिए घर पर मौजूद नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीणों क्षेत्रों में वैक्सीनेशन कार्यक्रम को रफ्तार पकड़ने में थोड़ा समय लगेगा। जिले में अब तक 97 हजार से अधिक लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। इनमें मात्र एक केस ही ऐसा मिला है, जोकि वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद संक्रमित पाया गया हो और उसे दूसरी डोज न लगी हो। वीरवार को सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 1650 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। सोमवार से स्वास्थ्य विभाग 100 से अधिक केंद्रों पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अलग से कैंप लगाए जाएंगे।
जिले में कोरोना की 22 हजार डोज बची हैं। इनमें से 3 हजार को-वैक्सीन हैं और 19 हजार कोविशील्ड वैक्सीन है। स्वास्थ्य विभाग ने अगले सप्ताह 40 हजार से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन कार्यक्रम नाममात्र ही चल रहा है। निजी अस्पतालों में हर रोज 200 से भी कम लोग कोरोना वैक्सीन लगवा रहे हैं।
अगले सप्ताह बड़े स्तर पर चलाएंगे वैक्सीनेशन कार्यक्रम : डॉ. पासी
ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन कार्यक्रम गेहूं कटाई के कारण रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। रमजान शुरू होने के कारण भी गति पर फर्क पड़ा है। सोमवार से बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाए जाएंगे।
- डॉ. मनीष पासी, नोडल अधिकारी, कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम