राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत दो साल पहले हुई विभिन्न पदों पर 66 कर्मियों की नियुक्ति को एमडी दो बार रद्द करने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद विभाग ने इन सभी 66 अभ्यर्थियों का कॉन्ट्रेक्ट दो साल के लिए रिन्यू कर दिया है। जबकि नियमानुसार जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ कोर्ट में केस दायर है, उनका कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू नहीं हो सकता। अब मामले के शिकायतकर्ता ने इनका कॉन्ट्रेक्ट रद्द करने की मांग की है।
एनएचएम हरियाणा निदेशक प्रभजोत सिंह ने भर्ती रद्द करने के आदेश दिए थे।
शिकायतकर्ता, गांव हथवाला निवासी रणबीर की शिकायत थी कि भर्ती में चयन कमेटी ने सीएचसी-पीएचसी और जिला के अंकों को महत्व नहीं दिया। 44 अभ्यर्थियों को स्थानीय होने का फायदा देकर 20 में से 20 अंक दिए। एनएचएम हरियाणा निदेशक ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराई थी। गड़बड़ी साबित होने पर डीसी धर्मेंद्र सिंह ने रिपोर्ट भेज दी थी। 30 दिसंबर 2020 को निदेशक ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा को भी पत्र भेजा था। जिला प्रशासन की रिपोर्ट का हवाला देकर उन्होंने लिखा था कि चयन कमेटी के सदस्यों ने सरकार की हिदायतों का उल्लंघन किया है। पहले जांच में उसे बुलाया गया था। अब दोबारा जांच में उसे बुलाया तक नहीं गया।
नियमानुसार कराया गया है कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू : डॉ. वर्मा
एनएचएम के तहत भर्ती हुए अभ्यर्थियों का कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू करा दिया गया है। सभी कार्य नियमानुसार ही हुए हैं। उन्हें मुख्यालय की ओर से जैसे निर्देश मिलेंगे उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।