फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नंगलापार के ठेके पर जहरीली शराब पहुंचाने वाले सोनीपत के शराब फैक्ट्री मालिक, पार्टनर समेत तीन गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
जहरीली शराब पीने से हुईं आठ मौत के मामले में मंगलवार को पुलिस ने सोनीपत के गांव नैन ततारपुर के शराब फैक्टरी मालिक, उसके पार्टनर और बिचौलिए को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को एसआईटी टीम ने बस स्टैंड के पास से काबू किया। तीनों को एसआईटी टीम बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी और पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी।
विज्ञापन

एसआईटी ने अनुसार धनसौली गांव में खुर्दा चला रही सोनिया से पूछताछ में बराना गांव के संदीप व राजाखेड़ी गांव के बंटू का नाम सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने संदीप और बंटू को पांच-पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि के दौरान संदीप से खुलासा हुआ कि बंडोली गांव निवासी मोहित ने सोनीपत के गांव नैना ततारपुर निवासी नरेश उर्फ नेसी से मुलाकात कराई थी। नैना ततारपुर में ही नेसी की शराब की फैक्टरी है, जिससे करीब 58 से 60 पेटी सस्ते दाम में उठवाई थी। जिन पेटियों में से करीब 10 से 12 पेटी ही सोनिया व अन्य खुर्दों पर गई थी। जिसके बाद पुलिस ने मंगलवार शाम को गुप्त सूचना के आधार पर बस स्टैंड के पास से फैक्टरी मालिक नरेश, पार्टनर गांजबड़ निवासी कुलदीप और बिचौलिया बंडौली गांव निवासी मोहित को गिरफ्तार कर लिया है।
शराब ठेकेदार सुमित की धरपकड़ में जुटी टीम
राजाखेड़ी के शराब ठेकेदार सुमित उर्फ मीता भी पुलिस की धरपकड़ से फरार है। पुलिस पूछताछ में आरोपी संदीप और बंटू ने सुमित के नाम खुलासा किया था। एसआईटी टीम करीब 30 ठिकानों पर दबिश दे चुकी है, लेकिन अभी तक उनके हाथ कुछ नहीं लगा है।
विज्ञापन

लॉकडाउन में पुलिस ने तस्करों को काबू किया तो नेसी ने खुद की खोली फैक्टरी
सूत्र के अनुसार पहले नैना ततारपुर निवासी नरेश उर्फ नेसी शराब तस्करी करता था। उसे आसानी से डिस्टलरी से शराब मिल जाती थी, लेकिन लॉकडाउन में शराब की अवैध तस्करी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया तो नेसी को तस्करी करने में परेशानी हुई। वह डर गया और उसने चार अन्य साथियों संग मिलकर खुद की शराब की फैक्टरी लगा ली। वह शराब के पूरे खेल का सरगना है, बाकी चार नेसी के अंडर काम करते हैं।
सरकारी टीचर के घर में खोल रखी थी फैक्टरी, सोनीपत पुलिस ने किया था भंडाफोड़
सोनीपत में लगातार जहरीली शराब के सेवन से मौत के आंकड़े बढ़ने लगे। जिसके बाद एसपी ने डीएसपी रविंद्र के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था। जिसने पिछले वीरवार को खरखौदा व नैना ततारपुर में छापेमारी कर चल रही शराब की दो फैक्टरी को पकड़ा था। नैना ततारपुर की फैक्टरी एक सरकारी टीचर विजय कुमार के घर में चल रही थी।
पुलिस दो आरोपियों को पकड़ चुकी थी, बाकी तीन की थी तलाश
नैना ततारपुर में शराब की अवैध फैक्टरी चलाने के मामले में सोनीपत पुलिस ने अजीत उर्फ जीता और विक्की को गिरफ्तार किया था, जिनसे पुलिस पूछताछ में खुलासा हुुुआ था कि वह पांच युवक मिलकर शराब की फैक्ट्री चलाते थे। जिसमें नैना ततारपुर निवासी नरेश उर्फ नेशी, सिटावली गांव निवासी अजीत उर्फ जीता, गांजबड़ गांव निवासी कुलदीप, मंदीप उर्फ सेठा और विक्की शामिल हैं। पूरे शराब तस्करी के मामले का नरेश उर्फ नेशी मास्टर माइंड था। सोनीपत पुलिस दो आरोपियों के बाद नरेश, मंदीप व कुलदीप की धरपकड़ में जुटी थी।
सोनीपत और पानीपत की एसआईटी टीम में रहा तालमेल
सोनीपत के बाद पानीपत में भी जहरीली शराब के आठ मामले सामने आने के बाद पानीपत एसपी मनीषा चौधरी ने डीएसपी राजेश फौगाट के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। जिसमें सीआईटी टू प्रभारी वीरेंद्र व सनौली थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह को शामिल किया था। सोनीपत की एसआईटी और पानीपत की एसआइटी के अधिकारियों के बीच तालमेल रहा, जिससे वह मुख्य आरोपी तक पहुंच सके।
विज्ञापन

शराब मामले में पुलिस ने बस स्टैंड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनको बुधवार को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ की जाएगी।
- सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें