अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति व मजदूर संगठनों को पुलिस ने भाजपा का पुतला नहीं फूंकने दिया। पुलिस ने पीएम नरेंद्र मोदी के पुतले को छीन लिया और अपने साथ ले गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने साफ कह दिया कि वो पुतला नही फूंकने देंगे और न ही दफ्तर से बाहर निकलने देंगे। किसान मजदूर नेताओं ने इसका विरोध किया। इसके खिलाफ किसान मजदूरों ने रोड पर आकर सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
सीटू नेता सुनील दत्त ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए संविधान पर हमला बताया। काले कानूनों के खिलाफ रोष प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा के नेता कामरेड मामचंद सैनी, भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के राज्य प्रधान सुरेश दहिया, मजदूर संगठन सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, एटक जिला अध्यक्ष पवन सैनी एडवोकेट, रणधीर सिंह पानू, प्रधान किसान मजदूर संयुक्त यूनियन बलबीर सिंह कवि आदि किसान मजदूर नेताओं ने किया। वहीं सीपीआई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप ने पुलिस की कड़े शब्दों में निंदा की।